ताजा खबर
शाहिद कपूर ने शेयर किया ‘फर्जी 2’ का बीटीएस   ||    मनोज बाजपेयी की फिल्म का बदला नाम, अब ‘गजब रात’ के नाम से नेटफ़्लिक्स पर रिलीज़ होगी   ||    ‘नई नवेली’ की रिलीज से पहले अयोध्या पहुंचीं यामी गौतम, पीली साड़ी में दिखीं बेहद खूबसूरत; श्रीराम से...   ||    सलमान खान ने पिता सलीम खान के साथ शेयर कीं खास तस्वीरें, बोले- ‘बाप बाप होता है’   ||    दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पर रेलवे की सौगात, भागलपुर होकर दिल्ली-अहमदाबाद के लिए चलेंगी स्पेशल ट्रेन...   ||    मुरैना में एक परिवार के 6 लोगों की हत्या का आरोपी 3 साल बाद गिरफ्तार, गुरुग्राम के वेयरहाउस में छिपा...   ||    प्रोटीन खाने के बाद लंबे समय तक क्यों नहीं लगती भूख? जानिए कैसे यह वजन और बीमारियों को रोकने में है ...   ||    दिनभर की भागदौड़ के बाद अंधेरे में सुकून तलाशना: क्या है 'निक्टोफिलिया' (Nyctophilia)? जानिए मनोवैज्...   ||    एक जैसा BMI होने के बावजूद दो लोगों में डायबिटीज, दिल की बीमारी और फैटी लिवर का खतरा अलग क्यों? जानि...   ||    गूगल ने लॉन्च किया नया 'Fitbit Edge': रिप्लेसेबल बैटरी और हेल्थ सब्सक्रिप्शन पर दांव   ||   

शहरी बुनियादी ढांचे को नया विस्तार: अर्बन चैलेंज फंड के तहत 31,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मिली हरी झंडी

Photo Source :

Posted On:Wednesday, July 22, 2026

नई दिल्ली: देश के शहरी परिदृश्य को आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक विखंडनकारी तकनीकी एवं वित्तीय कदम उठाया है। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने 'अर्बन चैलेंज फंड' के नए दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देने के महज 20 से 25 दिनों के भीतर 31,000 करोड़ रुपये की विशाल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान कर दी है। उद्योगमंडल फिक्की (FICCI) द्वारा आयोजित नौवें अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इनोवेशन समिट में यह जानकारी देते हुए मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव डी. थारा ने बताया कि इन परियोजनाओं के रणनीतिक विन्यास में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत है, जबकि 22 प्रतिशत निवेश सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और शेष वाणिज्यिक बैंकों तथा बॉन्ड्स से जुटाया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हडको (HUDCO) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ ने कहा कि भारत के शहर देश की मात्र 3 प्रतिशत भूमि पर बसे होने के बावजूद राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 60 से 70 प्रतिशत का योगदान देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फंड पारंपरिक सब्सिडी व्यवस्था से इतर चुनौती-आधारित मॉडल की ओर एक मुस्तैद बदलाव है, जिसमें वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के तहत 50 प्रतिशत तक की बजटीय सहायता केंद्र और राज्यों द्वारा समान रूप से वहन की जाएगी।

इस दौरान विशेषज्ञों ने टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थानीय क्षमताओं को बढ़ाने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी और 'सिटी इकोनॉमिक रीजन' के नियमों को लागू करने की वकालत की। फिक्की की महानिदेशक ज्योति विज और अन्य हितधारकों ने जोर दिया कि टिकाऊ आर्थिक मूल्य निर्माण के लिए प्रौद्योगिकी, सुशासन और मजबूत वित्तीय प्रबंधन ही प्राथमिक सुरक्षा कवच हैं। खेल अब पूरी तरह से इन परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, निजी निवेश के सांख्यिकी संतुलन और शहरी निकायों की कार्यक्षमता के कड़े मापदंडों पर टिका है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.