ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

जुलाई में भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी, एफपीआई निवेश ने कई महीनों का रिकॉर्ड तोड़ा

Photo Source :

Posted On:Monday, August 3, 2026

भारतीय पूंजी बाजार में जुलाई के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। लगातार दूसरे महीने विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में भरोसा जताते हुए बड़ी मात्रा में पूंजी निवेश की, जिससे बाजार की धारणा को मजबूती मिली। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत आर्थिक संकेतकों, बेहतर कॉर्पोरेट नतीजों और स्थिर व्यापक आर्थिक माहौल ने विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार की ओर आकर्षित किया है।

जुलाई में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजार, डेट मार्केट और अन्य निवेश साधनों में व्यापक स्तर पर निवेश किया। खास बात यह रही कि केवल इक्विटी ही नहीं, बल्कि बॉन्ड और हाइब्रिड निवेश विकल्पों में भी पूंजी प्रवाह दर्ज किया गया। इससे यह संकेत मिलता है कि विदेशी निवेशक भारतीय अर्थव्यवस्था की दीर्घकालिक संभावनाओं को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपना रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, नियंत्रित महंगाई, बेहतर जीएसटी संग्रह और बुनियादी ढांचे पर बढ़ते सरकारी निवेश ने वैश्विक निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। इसके अलावा, कई बड़ी भारतीय कंपनियों के तिमाही वित्तीय परिणाम उम्मीद से बेहतर रहने से भी विदेशी निवेश को समर्थन मिला। घरेलू शेयर बाजार में आई स्थिरता और निवेशकों का सकारात्मक रुख भी विदेशी पूंजी के प्रवाह का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बदलाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक आने वाले समय में विदेशी निवेश की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए निवेशकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतकों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

बाजार जानकारों का कहना है कि यदि आने वाले महीनों में आर्थिक सुधार की रफ्तार बनी रहती है और वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं, तो भारतीय बाजार में विदेशी निवेश का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। इससे पूंजी बाजार को मजबूती मिलने के साथ-साथ निवेशकों का विश्वास भी और बढ़ने की संभावना है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.