ताजा खबर
अहमदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की पहचान पर किसी और ने लिया सिम कार्ड, पुलिस जांच में जुटी   ||    गरबा खेलने के लिए 15 हजार रुपये तक की IV ड्रिप ले रहे युवा, डॉक्टरों ने बताया क्यों जरूरी नहीं है यह...   ||    रणबाली के ट्रेलर में विजय देवरकोंडा का बागी अंदाज, अंग्रेजों के खिलाफ छेड़ी जंग   ||    नाना पाटेकर के निधन से टूटे अमिताभ बच्चन, बोले- आज उनका मैसेज नहीं आया!   ||    '3 इडियट्स 2' से 'अंदाज अपना अपना' के सीक्वल तक, आमिर खान ने खोले अपनी फिल्मों के राज!   ||    नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, बोले- 'हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना'   ||    काजोल की एक्टिंग देख हैरान रह गईं शिवानी रघुवंशी, बोलीं- कैमरा ऑन होते ही बदल जाता है अंदाज!   ||    केंद्र सरकार का कड़ा जवाब: एलन मस्क के आरोपों को बताया बेबुनियाद, भारत में तीन कंपनियों को मिला है ल...   ||    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बयान: "युवाओं को श्रेणियों में बांटना साजिश, वे सिर्फ युवा है...   ||    यमन के हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब के दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला, 3 लोगों की मौत और 36 घायल   ||   

अवैध वित्तीय गतिविधियों से निपटने के लिए भारत को विशेष कार्यबल की जरूरत: सुनील कवीश्वर

Photo Source :

Posted On:Friday, August 14, 2026

बेंगलुरु। देश में धन शोधन, आतंकवाद के वित्तपोषण और सीमा पार होने वाले वित्तीय अपराधों के बढ़ते जोखिम के बीच राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ सुनील कवीश्वर ने एक विशेष प्रशिक्षित वित्तीय-सुरक्षा कार्यबल तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका कहना है कि बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों को आधुनिक आर्थिक अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए पारंपरिक विशेषज्ञता के साथ नई तकनीकों की समझ रखने वाले पेशेवरों की भी जरूरत है।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के आपराधिक विधि एवं सैन्य विधि संकाय के निदेशक कवीश्वर ने बताया कि इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय ने वित्तीय एवं आर्थिक सुरक्षा में स्नातकोत्तर कार्यक्रम शुरू किया है। एमएफईएस नामक यह एक वर्षीय पूर्णकालिक पाठ्यक्रम वित्तीय अपराध अनुपालन, जोखिम प्रबंधन और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ तैयार करने पर केंद्रित है।

उन्होंने बताया कि अगले बैच में करीब 60 विद्यार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है। कुछ विदेशी प्रतिभागियों के भी कार्यक्रम का हिस्सा बनने की संभावना है। पाठ्यक्रम की फीस तीन लाख रुपये निर्धारित की गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य वित्तीय सुरक्षा से जुड़े नियमों और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने वाले प्रशिक्षित मानव संसाधन के बीच मौजूद अंतर को कम करना है।

कवीश्वर के अनुसार, पाठ्यक्रम में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवादी वित्तपोषण, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और अवैध तस्करी से जुड़े वित्तीय लेनदेन की पहचान तथा रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों को भारतीय कानूनों के साथ संयुक्त राष्ट्र, एफएटीएफ और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के संबंधित ढांचे की जानकारी भी दी जाएगी।

कार्यक्रम में फॉरेंसिक जांच, वित्तीय लेखांकन, धोखाधड़ी की पहचान, साइबर जोखिम, केवाईसी, नियामकीय अनुपालन और वित्तीय खुफिया जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी, वर्चुअल एसेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और नई भुगतान प्रणालियों से जुड़े जोखिमों को भी पाठ्यक्रम में जगह दी गई है।

कवीश्वर ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसा मानव संसाधन तैयार करना है जो बैंक, वित्तीय संस्थान, नियामक और कारोबारी संगठनों को बदलते वित्तीय अपराधों से निपटने में मदद कर सके। पाठ्यक्रम में सैद्धांतिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन को भी शामिल किया गया है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.