रोहित शेट्टी के स्टंट रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का आखिरकार ग्रैंड फिनाले हो गया और सीजन के विजेता का नाम भी सामने आ चुका है। टीवी अभिनेता अविनाश मिश्रा ने दमदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। फिनाले में उनका मुकाबला ऋत्विक धनजानी और ओरहान अवत्रामणि यानी ओरी से हुआ, जहां तीनों ने सीजन के सबसे मुश्किल स्टंट्स में अपनी ताकत और हिम्मत का इम्तिहान दिया। आखिर में अविनाश ने बाजी मारते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।
दो साल के ब्रेक के बाद टीवी पर लौटे ‘खतरों के खिलाड़ी’ के इस सीजन ने शुरुआत से ही कंटेस्टेंट्स को जबरदस्त चुनौतियों में डाला। केप टाउन की खूबसूरत लोकेशन के बीच कभी ऊंचाई ने डराया तो कभी पानी के अंदर स्टंट्स ने कंटेस्टेंट्स की हालत खराब की। लेकिन अविनाश ने एक के बाद एक मुश्किल टास्क पार करते हुए खुद को लगातार मजबूत दावेदार साबित किया। जीत के साथ उन्हें चमचमाती ट्रॉफी के अलावा 20 लाख रुपये की इनामी राशि, यूरोप ट्रिप और एक नई कार भी मिली है।
अविनाश की इस जीत की खास बात यह रही कि उन्होंने शो के दौरान सिर्फ स्टंट्स ही नहीं, बल्कि अपनी सोच और आत्मविश्वास पर भी काम किया। ‘टीम वीक’ में उनका प्रदर्शन चर्चा में रहा और कई कठिन स्टंट्स में शानदार परफॉर्मेंस के बाद उन्हें रोहित शेट्टी की सिग्नेचर ‘फियर जैकेट’ भी मिली। पानी के अंदर करण वाही के खिलाफ किए गए एक अहम स्टंट में जीत हासिल करने के बाद उन्होंने टॉप 5 में जगह बनाई और सीजन के पहले फाइनलिस्ट बने। इसके बाद उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया और वह सीधे ट्रॉफी तक पहुंच गए।
ट्रॉफी जीतने के बाद अविनाश ने अपनी जर्नी को सिर्फ दूसरों को कुछ साबित करने की कहानी नहीं बताया, बल्कि इसे खुद को समझने और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने का सफर कहा। उन्होंने माना कि वह शुरुआत में खुद को साबित करने के इरादे से शो में आए थे, लेकिन आखिर में सबसे बड़ा सबक उन्हें अपने बारे में ही मिला। सालों से टीवी का हिस्सा रहे अविनाश के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इस शो ने उन्हें सिर्फ स्क्रीन पर नजर आने वाले अभिनेता से आगे एक मजबूत स्टंट परफॉर्मर के तौर पर पहचान दिलाई।
अविनाश ने यह भी बताया कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ में असली लड़ाई शरीर से ज्यादा दिमाग की होती है। डरावने स्टंट के सामने खड़े होने पर तैयारी के साथ-साथ उस पल में सही फैसला लेना भी बेहद जरूरी होता है। उनके मुताबिक, शो से बाहर निकलते समय उनके अंदर ऐसा आत्मविश्वास है, जो पहले नहीं था और यही उनके लिए सबसे बड़ी जीत है। वहीं करण वाही और फरहाना भट्ट भी इस सीजन के फाइनलिस्ट रहे, लेकिन इस बार ट्रॉफी अविनाश मिश्रा के नाम रही।
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