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होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान ने घोषित किया 'प्रतिबंधित क्षेत्र': टोल टैक्स प्रणाली से वैश्विक व्यापार पर गहरा सकता है संकट

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Posted On:Tuesday, September 8, 2026

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पहले ही लगभग $100 प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुकी हैं। इस बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक नए 'प्रतिबंधित क्षेत्र' (Restricted Zone) की घोषणा कर वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेजाई के अनुसार, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी वाले क्षेत्रों से लेकर फारस की खाड़ी तक यह नया क्षेत्र लागू होगा। इस कदम के तहत ईरान और ओमान मिलकर एक नया समुद्री कॉरिडोर विकसित कर रहे हैं, जिसके तहत बिना पूर्व अनुमति या तय दिशा-निर्देशों के जहाजों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

ईरान की योजना इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए हवाई अड्डों की तर्ज पर 'ट्रांजिट पास' प्रणाली लागू करने और उनसे सेवा शुल्क या टोल टैक्स वसूलने की है। अगस्त के अंत में ईरान और ओमान के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत इस मार्ग का प्रबंधन सीधे दोनों देश करेंगे, जिससे पश्चिमी शक्तियों की दखलअंदाजी सीमित हो जाएगी।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का लगभग 90% भाग आयात करता है, जिसमें से कच्चे तेल और एलपीजी (LPG) का एक बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। हालांकि, भारत के लिए ओमान के साथ हालिया व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) और चाबहार बंदरगाह के रणनीतिक संचालन के चलते कुछ कूटनीतिक राहत की उम्मीद है। ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को संभावित कर छूट मिलने की स्थिति में माल ढुलाई की लागत पर सीधा असर सीमित रह सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली किसी भी वृद्धि से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बनना तय है।


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