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वैश्विक ऊर्जा संकट: होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

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Posted On:Tuesday, September 15, 2026

मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और रणनीतिक आपूर्ति मार्गों में आए व्यवधान के कारण वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने और सऊदी अरब की महत्वपूर्ण ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमलों के बाद आपूर्ति ठप होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर $107 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं। वहीं, भारतीय तेल बास्केट के लिए कच्चे तेल की दरें बढ़कर $119.69 प्रति बैरल तक दर्ज की गई हैं, जिससे ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ गया है।

सऊदी अरब में पाइपलाइन बंद होने और उत्पादन दर कई वर्षों के निचले स्तर पर आ जाने के कारण पिछले ढाई महीनों में वैश्विक कच्चे तेल के दामों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस ऊर्जा संकट और पश्चिमी दबावों के बीच भारत के दीर्घकालिक भागीदार रूस ने नई दिल्ली को निर्बाध तेल आपूर्ति का आश्वासन दिया है। भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव ने स्पष्ट किया कि मास्को भारतीय ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए अपनी ओर से रियायती और पर्याप्त कच्चे तेल की आपूर्ति जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है।

भारतीय तेल कंपनियों और वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, रूसी क्रूड के निरंतर आयात और घरेलू बफर स्टॉक के बल पर देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तात्कालिक वृद्धि को नियंत्रित रखने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, यदि मध्य पूर्व में आपूर्ति मार्ग लंबे समय तक बाधित रहते हैं, तो भारतीय अर्थव्यवस्था पर व्यापार घाटे और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है।


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