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Posted On:Saturday, June 27, 2026

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी आने के बाद वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में सुधार के संकेत मिल रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले बैंक ने भारत की GDP ग्रोथ 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।

रिपोर्ट के अनुसार, यह संशोधन मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के कारण किया गया है। बैंक का मानना है कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर जो अनिश्चितता बनी हुई थी, वह अब काफी हद तक कम हुई है, जिससे आयात बिल और मुद्रास्फीति पर दबाव घट सकता है।

गोल्डमैन सैक्स की ‘India: Improved Macro Outlook after the US-Iran Deal’ रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंका थी। इस स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल की संभावना बनी हुई थी, जिसका सीधा असर भारत जैसे तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ता।

हालांकि, हालिया कूटनीतिक समझौते के बाद वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लौटने लगी है। इससे भारत को ऊर्जा लागत में राहत मिलने और चालू खाता घाटा कम होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति निवेश माहौल को भी बेहतर बना सकती है और आर्थिक विकास को गति दे सकती है।

कुल मिलाकर, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में कमी भारत के लिए आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक संकेत लेकर आई है, जिससे आने वाले वर्षों में विकास की रफ्तार मजबूत रहने की उम्मीद बढ़ी है।


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