ताजा खबर
अहमदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की पहचान पर किसी और ने लिया सिम कार्ड, पुलिस जांच में जुटी   ||    गरबा खेलने के लिए 15 हजार रुपये तक की IV ड्रिप ले रहे युवा, डॉक्टरों ने बताया क्यों जरूरी नहीं है यह...   ||    रणबाली के ट्रेलर में विजय देवरकोंडा का बागी अंदाज, अंग्रेजों के खिलाफ छेड़ी जंग   ||    नाना पाटेकर के निधन से टूटे अमिताभ बच्चन, बोले- आज उनका मैसेज नहीं आया!   ||    '3 इडियट्स 2' से 'अंदाज अपना अपना' के सीक्वल तक, आमिर खान ने खोले अपनी फिल्मों के राज!   ||    नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, बोले- 'हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना'   ||    काजोल की एक्टिंग देख हैरान रह गईं शिवानी रघुवंशी, बोलीं- कैमरा ऑन होते ही बदल जाता है अंदाज!   ||    केंद्र सरकार का कड़ा जवाब: एलन मस्क के आरोपों को बताया बेबुनियाद, भारत में तीन कंपनियों को मिला है ल...   ||    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बयान: "युवाओं को श्रेणियों में बांटना साजिश, वे सिर्फ युवा है...   ||    यमन के हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब के दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला, 3 लोगों की मौत और 36 घायल   ||   

31 जुलाई ITR फाइलिंग की डेडलाइन: एम्प्लॉयर को दिए विकल्प के बावजूद रिटर्न दाखिल करते समय बदल सकते हैं टैक्स रिजीम

Photo Source :

Posted On:Friday, July 31, 2026

वित्त वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए बिना किसी विलंब शुल्क के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि आज, 31 जुलाई है। आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर अंतिम समय में रिटर्न दाखिल कर रहे करोड़ों वेतनभोगी टैक्सपेयर्स के बीच ओल्ड (Old) और न्यू (New) टैक्स रिजीम के चयन को लेकर अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। कई सैलरीड कर्मचारियों का मानना है कि यदि वित्तीय वर्ष की शुरुआत में उन्होंने अपने नियोक्ता (Employer) को न्यू टैक्स रिजीम का विकल्प दिया था और उसी आधार पर टीडीएस (TDS) कटा है, तो वे अब इसे बदल नहीं सकते।

हालांकि, आयकर नियमों के अनुसार वेतनभोगी करदाताओं के लिए यह एक बड़ी राहत की बात है। वेतनभोगियों (Salaried Class) के पास ITR दाखिल करते समय टैक्स रिजीम बदलने का पूर्ण अधिकार होता है। यदि वर्ष के दौरान कंपनी ने न्यू टैक्स रिजीम के तहत टैक्स काटा है, लेकिन धारा 80C, 80D और HRA जैसी कटौती (Deductions) का दावा करने पर ओल्ड टैक्स रिजीम में कुल टैक्स देनदारी कम बनती है, तो अंतिम फॉर्म सबमिट करने से पहले ओल्ड टैक्स रिजीम को चुना जा सकता है।

यदि ओल्ड टैक्स रिजीम चुनने के बाद रिफंड की स्थिति बनती है, तो आयकर विभाग काटे गए अतिरिक्त TDS की राशि टैक्सपेयर के बैंक खाते में रिफंड कर देगा। कर विशेषज्ञों का सुझाव है कि ITR फाइल करने से पहले दोनों रिजीम के तहत टैक्स कैलक्यूलेटर से तुलना अवश्य कर लें, क्योंकि व्यावसायिक आय (Business Income) वाले व्यक्तियों के लिए रिजीम बदलने के नियम सैलरीड कर्मचारियों से भिन्न और सीमित होते हैं।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.