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बाघ के शरीर पर क्यों होती हैं धारियां? जानिए शिकार को चकमा देने और छिपने के पीछे का विज्ञान

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Posted On:Friday, October 16, 2026



बाघ के शरीर पर मौजूद काली और संतरी धारियां न केवल उसकी पहचान हैं, बल्कि घने जंगलों में शिकार करने और खुद को छिपाए रखने (कैमूफ्लाज) का एक बेहतरीन प्राकृतिक हथियार भी हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस बात का खुलासा किया है कि ये धारियां बाघ को जंगल में अदृश्य रहने और शिकार को आसानी से दबोचने में किस तरह मदद करती हैं।
शरीर की बनावट को छुपाती हैं लंबवत धारियां
वन्यजीव फोटोग्राफर इंद्रजीत घोरपड़े के अनुसार, बाघ के शरीर पर बनी लंबवत (वर्टिकल) धारियां उसके शारीरिक आकार (आउटलाइन) को बिखेर देती हैं। जब बाघ घने जंगलों, ऊंची घासों और झाड़ियों के बीच धीरे-धीरे आगे बढ़ता है, तो धूप और छांव के बीच ये धारियां उसे पृष्ठभूमि में पूरी तरह मिला देती हैं। इससे शिकार के लिए यह भांपना बेहद मुश्किल हो जाता है कि सामने कोई शिकारी छिपा हुआ है।
शिकार की नजर में संतरी रंग भी 'हरा'
इंसानों को संतरी और काले रंग का यह मेल दूर से भले ही साफ नजर आ जाए, लेकिन बाघ का मुख्य शिकार—जैसे हिरण और अन्य शाकाहारी जानवर—रंगों को इंसानों की तरह नहीं देख पाते।

  • डाइक्रोमैटिक दृष्टि (Dichromatic Vision): हिरण और कई अन्य जानवरों की आंखों में रंगों को पहचानने वाले केवल दो प्रकार के कोन सेल्स होते हैं।
  • लाल और हरे में अंतर न कर पाना: वे लाल/संतरी और हरे रंग के बीच आसानी से फर्क नहीं कर पाते। नतीजतन, हरी वनस्पतियों के बीच बैठा संतरी बाघ उनके लिए प्राकृतिक पृष्ठभूमि जैसा ही प्रतीत होता है।
फिंगरप्रिंट की तरह हर बाघ की पहचान अनोखी
  • इंसानों के फिंगरप्रिंट की तरह ही दुनिया के किसी भी दो बाघों की धारियों का पैटर्न एक जैसा नहीं होता।
  • धारियों की चौड़ाई, बनावट और घनत्व हर बाघ में अलग होता है। शोधकर्ता और वन विभाग इन्हीं पैटर्न्स के आधार पर अलग-अलग बाघों की पहचान और उनकी निगरानी करते हैं।
  • विभिन्न भौगोलिक परिवेशों—जैसे रणथंभौर के खुले झाड़ीदार जंगलों या सुंदरबन के मैंग्रोव वनों—के अनुसार भी बाघों के पैटर्न्स में विविधता देखने को मिलती है, जो पीढ़ियों के विकास और आनुवंशिकी (जेनेटिक्स) का परिणाम है।
त्वचा पर भी छपी होती हैं धारियां
यह प्राकृतिक पैटर्न केवल बाघ के बालों या फर तक ही सीमित नहीं होता। बाघ के शावक जन्म से ही इन धारियों के साथ पैदा होते हैं। सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि यदि बाघ के शरीर के बाल हटा भी दिए जाएं, तो भी उसकी त्वचा (स्किन) पर यह पिगमेंटेशन और धारियों का पैटर्न हूबहू नजर आता है।


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