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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: नीतिगत मतभेदों पर भी सरकारी आयोग के प्रमुखों को हटा सकेंगे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

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Posted On:Tuesday, June 30, 2026

न्यायालय का यह ऐतिहासिक निर्णय 6-3 के स्पष्ट बहुमत से आया, जिसमें सभी छह कंजर्वेटिव जजों ने ट्रंप के पक्ष में मतदान किया, जबकि तीन लिबरल जजों ने इस पर अपनी कड़ी असहमति जताई। पूरा कानूनी विवाद FTC की डेमोक्रेटिक कमिश्नर रेबेका स्लॉटर को पद से हटाए जाने के बाद शुरू हुआ था। रेबेका को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा नियुक्त किया गया था, जिन्हें राष्ट्रपति ट्रंप ने साल 2025 में नीतियों पर गहरे मतभेदों के चलते समय से पहले हटा दिया था। उस समय के मौजूदा नियमों के मुताबिक, किसी भी FTC कमिश्नर को केवल अक्षमता, कर्तव्य की उपेक्षा या किसी गंभीर कदाचार के आधार पर ही हटाया जा सकता था, न कि वैचारिक या नीतिगत मतभेदों के आधार पर।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि संविधान के तहत कार्यकारी शाखा (Executive Branch) का प्रमुख होने के नाते राष्ट्रपति के पास अपनी नीतियों को लागू करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों पर पूरा नियंत्रण होना चाहिए। यदि कोई स्वतंत्र आयोग का सदस्य सरकार की आर्थिक या व्यापारिक नीतियों के आड़े आता है, तो राष्ट्रपति को उसे बदलने का पूरा संवैधानिक हक है। वहीं, विपक्षी लिबरल जजों का मानना है कि इस फैसले से स्वतंत्र नियामकों (Independent Regulators) की निष्पक्षता खत्म हो जाएगी और पूरी व्यवस्था का राजनीतिकरण हो जाएगा। बहरहाल, इस फैसले ने व्हाइट हाउस को पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली बना दिया है।


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