अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर पेंटागन ने शुक्रवार, 8 मई 2026 को यूएफओ (UFO) और एलियंस से संबंधित गुप्त दस्तावेजों की पहली खेप सार्वजनिक कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने "पूर्ण पारदर्शिता" का वादा करते हुए 160 से अधिक फाइलें, वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं, जिन्होंने दुनिया भर में कौतूहल पैदा कर दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "अब लोग खुद तय कर सकते हैं कि आखिर चल क्या रहा है।"
क्या खुला फाइलों में?
जारी किए गए दस्तावेजों में नासा के अपोलो मिशन (Apollo Missions) के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा देखे गए रहस्यमय 'प्रकाश के कणों' और उड़ती हुई वस्तुओं के विवरण शामिल हैं। 1965 के 'जेमिनी 7' मिशन से लेकर 2026 तक की हालिया घटनाओं की रिपोर्ट इसमें मौजूद हैं। हालांकि, पेंटागन ने स्पष्ट किया है कि कई मामले अभी भी 'अनसुलझे' हैं और वे निश्चित रूप से यह नहीं कह सकते कि ये एलियंस की तकनीक है या कुछ और।
लुईगी और बॉब लेजर के दावे
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता लुईगी वेंडिटेली (Luigi Vendittelli), जो डॉक्युमेंट्री 'S4: द बॉब लेजर स्टोरी' के निर्माता हैं, ने इस खुलासे पर सवाल उठाए हैं। लुईगी का मानना है कि सरकार कभी भी 'एरिया-51' (Area-51) या 'एस-4' सुविधा में छिपे असली राज साझा नहीं करेगी। उनके अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सबसे संवेदनशील जानकारी, जैसे कि एलियन यान की 'रिवर्स इंजीनियरिंग', को हमेशा गुप्त रखा जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि ट्रंप भी पूरी जानकारी नहीं देंगे क्योंकि इससे दुश्मन देशों को अमेरिकी तकनीक का सुराग मिल सकता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
भले ही फाइलों में 'एरिया-51' का सीधा जिक्र नहीं है, लेकिन जनता में इस बात को लेकर भारी चर्चा है कि क्या सरकार अब भी कुछ छिपा रही है। पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में मजाक में कहा था कि अगर एलियंस होते, तो अब तक कोई गार्ड उनके साथ सेल्फी लेकर वायरल कर चुका होता। इसके बावजूद, ट्रंप की इस 'डिस्क्लोजर' मुहिम ने यूएफओ विशेषज्ञों और आम लोगों के बीच एक नई उम्मीद जगा दी है।