ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

तेल की जंग में तेहरान की ललकार! प्रतिबंधों पर दी बड़ी धमकी; ‘ईरानी तेल रुका तो दुनिया को भुगतने होंगे नतीजे’

Photo Source :

Posted On:Monday, April 20, 2026

वैश्विक तेल बाजार एक बार फिर गहरे संकट के घेरे में है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ईरान के तेल निर्यात पर लगे आर्थिक और सैन्य प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, तब तक दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में स्थिरता की उम्मीद करना बेमानी है। आरिफ ने सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी कि सुरक्षा और तेल की आपूर्ति एक तरफा नहीं हो सकती; यदि ईरान का निर्यात बाधित किया जाता है, तो इसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी होगी।

इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दिखने लगा है। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी क्रूड (WTI) की कीमत करीब 6.4% बढ़कर $87.88 प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $96 के स्तर को पार कर गया। इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में पैदा हुई अनिश्चितता है, जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी ने एशिया और यूरोप के आयातकों के लिए चिंता बढ़ा दी है। हालांकि ईरान ने पहले व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता खोलने का संकेत दिया था, लेकिन अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखने के बयानों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। आपूर्ति में इस संभावित बाधा ने केवल पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक रसद और विमानन ईंधन (Jet Fuel) की लागत को भी बढ़ा दिया है, जिससे दुनिया भर के व्यवसायों और आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दोहरा बोझ पड़ने का खतरा पैदा हो गया है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.