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तेल की जंग में तेहरान की ललकार! प्रतिबंधों पर दी बड़ी धमकी; ‘ईरानी तेल रुका तो दुनिया को भुगतने होंगे नतीजे’

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Posted On:Monday, April 20, 2026

वैश्विक तेल बाजार एक बार फिर गहरे संकट के घेरे में है। ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि जब तक ईरान के तेल निर्यात पर लगे आर्थिक और सैन्य प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, तब तक दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में स्थिरता की उम्मीद करना बेमानी है। आरिफ ने सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी कि सुरक्षा और तेल की आपूर्ति एक तरफा नहीं हो सकती; यदि ईरान का निर्यात बाधित किया जाता है, तो इसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी होगी।

इस भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर दिखने लगा है। सोमवार को कारोबार शुरू होते ही कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी क्रूड (WTI) की कीमत करीब 6.4% बढ़कर $87.88 प्रति बैरल पर पहुंच गई, जबकि वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड $96 के स्तर को पार कर गया। इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में पैदा हुई अनिश्चितता है, जो दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है।

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी ने एशिया और यूरोप के आयातकों के लिए चिंता बढ़ा दी है। हालांकि ईरान ने पहले व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता खोलने का संकेत दिया था, लेकिन अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी जारी रखने के बयानों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। आपूर्ति में इस संभावित बाधा ने केवल पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित किया है, बल्कि वैश्विक रसद और विमानन ईंधन (Jet Fuel) की लागत को भी बढ़ा दिया है, जिससे दुनिया भर के व्यवसायों और आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दोहरा बोझ पड़ने का खतरा पैदा हो गया है।


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