भारत की प्रमुख फिनटेक यूनिकॉर्न, रेजरपे (Razorpay), भारतीय शेयर बाजार में अपनी नई पारी शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, बेंगलुरु स्थित यह डिजिटल भुगतान दिग्गज अगले कुछ हफ्तों में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) गोपनीय तरीके से दाखिल कर सकती है। कंपनी की योजना इस आईपीओ (IPO) के जरिए बाजार से लगभग 600 से 700 मिलियन डॉलर जुटाने की है।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों की नजर कंपनी की वैल्यूएशन पर टिकी है। अनुमान है कि कंपनी 5 से 6 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन पर लिस्ट हो सकती है, जो इसके 2021 के 7.5 बिलियन डॉलर के शिखर मूल्यांकन से थोड़ा कम है। 'कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग' का रास्ता चुनकर रेजरपे ने स्विगी और मीशो जैसे अन्य स्टार्टअप्स की राह पकड़ी है, जिससे उसे अपनी वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करने से पहले नियामक के साथ चर्चा करने का अतिरिक्त समय मिल जाएगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण फोनपे (PhonePe) ने अपनी लिस्टिंग योजनाओं को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
रेजरपे के लिए यह आईपीओ केवल फंड जुटाने का जरिया नहीं है, बल्कि इसके 'रिवर्स फ्लिप' (अमेरिका से भारत मुख्यालय शिफ्ट करना) की प्रक्रिया का अंतिम चरण भी है। हालांकि, डोमिसाइल शिफ्ट और ईसॉप (ESOP) खर्चों के कारण कंपनी को वित्त वर्ष 2025 में घाटा उठाना पड़ा है, लेकिन इसके परिचालन राजस्व (Operating Revenue) में 65% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई है। लगभग 180 बिलियन डॉलर का वार्षिक भुगतान संसाधित (Process) करने वाली यह कंपनी अब केवल ऑनलाइन गेटवे तक सीमित नहीं है, बल्कि ऑफलाइन पीओएस (POS) और कंज्यूमर पेमेंट सेगमेंट में भी अपनी पैठ बढ़ा रही है।