ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

अमेरिका ने रूसी तेल पर छूट बढ़ाई, वैश्विक बाजार को राहत

Photo Source :

Posted On:Saturday, April 18, 2026

अमेरिका ने रूसी तेल पर छूट बढ़ाई, वैश्विक बाजार को राहत

अमेरिका ने वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच बड़ा कदम उठाते हुए रूस से तेल खरीद पर लगी पाबंदियों में दी गई छूट (waiver) को 16 मई तक बढ़ा दिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पहले अमेरिकी प्रशासन इस छूट को आगे नहीं बढ़ाने की बात कह चुका था, लेकिन बाद में स्थिति को देखते हुए यू-टर्न लेना पड़ा।

दरअसल, यह छूट उन देशों को राहत देती है जो पहले से जहाजों में लदा रूसी तेल खरीद रहे हैं। नए फैसले के तहत 17 अप्रैल तक लोड हो चुके तेल को बिना प्रतिबंध के खरीदा जा सकेगा, जिससे वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहेगी।

इस निर्णय के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई अस्थिरता मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति में आई कमी के चलते तेल की कीमतों में उछाल देखा जा रहा है। ऐसे में अमेरिका ने यह कदम उठाकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कीमतों को नियंत्रित करने की कोशिश की है।

इसका सीधा फायदा भारत जैसे देशों को मिलेगा, जो बड़ी मात्रा में रूसी तेल आयात करते हैं। इस छूट के चलते भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में राहत मिलेगी और अचानक सप्लाई रुकने का खतरा भी टल जाएगा।

हालांकि, इस फैसले को लेकर अमेरिका के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना भी हो रही है। आलोचकों का कहना है कि इससे रूस को आर्थिक फायदा होगा और यूक्रेन युद्ध के दौरान उस पर दबाव कम पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, यह फैसला अमेरिका की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वह एक ओर रूस पर दबाव बनाए रखना चाहता है, तो दूसरी ओर वैश्विक ऊर्जा संकट को भी नियंत्रण में रखना चाहता है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.