ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

900 साल पुराने शिव मंदिर को लेकर क्यों छिड़ी थाईलैंड-कंबोडिया के बीच जंग?

Photo Source :

Posted On:Monday, December 8, 2025

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक बार फिर सीमा पर तनाव बढ़ गया है, जिसके परिणामस्वरूप सैन्य झड़पें हुई हैं। थाईलैंड ने कंबोडियाई सीमा के पास एयर स्ट्राइक करने की पुष्टि की है। थाई सैन्य अधिकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई से पहले कंबोडिया ने सोमवार को सुबह तड़के 3 बजे (स्थानीय समय) थाई सीमा पर हमले शुरू किए थे, जिसमें एक थाई सैनिक की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए।

यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अक्टूबर में दोनों देशों के बीच युद्धविराम कराया था, लेकिन अब दोनों पक्ष एक-दूसरे पर इस युद्धविराम को तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं।

विवाद की जड़: मंदिर और सीमा

थाईलैंड और कंबोडिया के बीच विवाद का मुख्य केंद्र एक 900 साल पुराना प्राचीन हिंदू मंदिर और उससे लगी सीमा है।

1. प्रेह विहियर मंदिर

डांगरेक पर्वतों की चोटी पर स्थित यह प्राचीन प्रेह विहियर मंदिर (Preah Vihear Temple) सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच दशकों पुराने सीमा विवाद का केंद्र बन चुका है। 11वीं शताब्दी का यह मंदिर भले ही यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, लेकिन इसके आसपास की जमीन को लेकर कई बार सैन्य झड़पें हो चुकी हैं, जिसके कारण हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा है।

2. सीमा को लेकर ऐतिहासिक उलझन

इस विवाद की जड़ 1907 से जुड़ी हुई है, जब फ्रांसीसी शासन के दौरान एक नक्शा बनाया गया था।

  • 1907 का फ्रांसीसी नक्शा: इस नक्शे में प्रेह विहियर मंदिर को कंबोडिया की सीमा के अंदर रखा गया था। थाईलैंड ने तब आपत्ति नहीं की थी।

  • थाईलैंड का वर्तमान तर्क: थाईलैंड का कहना है कि 1907 का नक्शा 1904 की उस संधि को नजरअंदाज करता है, जिसमें सीमा को दांगरेक पर्वतों की प्राकृतिक जल विभाजक रेखा (watershed line) के अनुसार तय करने की बात कही गई थी। थाई अधिकारियों के मुताबिक, अगर वॉटरशेड लाइन को आधार माना जाए, तो मंदिर थाईलैंड की सीमा के अंदर आता है।

आज दोनों देश इस मंदिर और उसके आस-पास के क्षेत्र पर अपना दावा करते हैं।


ICJ का फैसला और अनसुलझा क्षेत्र

  • 1962 का फैसला: 1962 में, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने कंबोडिया के पक्ष में फैसला सुनाया और मंदिर पर उसकी संप्रभुता को मान्यता दी।

  • थाईलैंड की प्रतिक्रिया: इस फैसले ने थाईलैंड में भारी नाराजगी पैदा की और तब से ही यह कूटनीतिक तनाव का कारण बना हुआ है।

हालाँकि, अदालत के फैसले ने एक बड़ा मुद्दा अनसुलझा छोड़ दिया: मंदिर के आसपास के $4.6 \text{ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र}$ का मालिक कौन है? यह 'अविवादित' क्षेत्र ही बार-बार झड़पों का कारण बनता है।

2008 में विवाद का भड़कना

2008 में यह विवाद फिर भड़क उठा जब कंबोडिया ने प्रेह विहियर मंदिर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में दर्ज कराया। थाईलैंड ने इसका कड़ा विरोध किया, यह आशंका थी कि इससे मंदिर के आसपास के क्षेत्र पर कंबोडिया का नियंत्रण वैध हो जाएगा। 2008 से 2011 के बीच सैनिकों के बीच कई हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें मोर्टार दागे गए और रॉकेट फायरिंग हुई, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हुई और हजारों लोग विस्थापित हुए।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.