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1.35 लाख करोड़ की संपत्ति, फिर भी बेटे से क्यों कराते थे होटल में वेटर का काम? कहानी UAE के उद्योगपति की

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Posted On:Saturday, December 6, 2025

दुबई: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार, यूएई के अल हब्तूर ग्रुप के चेयरमैन शेख खलफ अल हब्तूर ने अपने बेटे के पालन-पोषण और करियर को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत और अभिभावकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। शेख खलफ ने बताया कि उनका बड़ा बेटा मुहम्मद अल हब्तूर आज एक शीर्ष अधिकारी बनने से पहले, उनके ही होटल में बर्तन धोने, झाड़ू-पोछा लगाने, ग्राहकों के बिस्तर ठीक करने और वेटर का काम करके बड़ा हुआ है। करोड़ों की संपत्ति वाले घराने के वारिस के लिए यह 'ग्राउंड वर्क' ट्रेनिंग, बिजनेस लीडरशिप की पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देती है।

डिग्री नहीं, अनुभव से बनता है करियर

शेख खलफ अल हब्तूर (जिनके समूह की अनुमानित संपत्ति ₹1.35 लाख करोड़ से अधिक है) का मानना है कि करियर सिर्फ अकादमिक डिग्री से नहीं बनता। उनका कहना है कि असली सीख फील्ड में मिलती है। इसीलिए, उनके बेटे मुहम्मद ने होटल मैनेजमेंट की डिग्री हासिल करने के बावजूद, उन्हें तुरंत डायरेक्टर की कुर्सी पर नहीं बैठाया गया। खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा: "डिग्री ज़रूरी है, लेकिन अनुभव उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। वास्तविक इंजीनियरिंग, असली मैनेजमेंट, असली काम साइट पर ही जाकर समझ में आता है। सिर्फ किताबें पढ़कर कोई करियर नहीं बनता। फील्ड में उतरने से जो सीख मिलती है, वही किसी को पेशेवर (Professional) बनाती है।"

इस कठोर ग्राउंड-वर्क ट्रेनिंग का उद्देश्य बेटे को संगठन की रीढ़—फ्रंटलाइन स्टाफ—की चुनौतियों और दैनिक कार्यों को समझना सिखाना था। खलफ अल हब्तूर के अनुसार, "ग्राउंड वर्क सीखे बिना कोई मैनेजर नहीं बन सकता। नौकरी का असली स्वाद इसी से आता है।"

दान और परोपकार की विरासत

अल हब्तूर समूह, जो होटल, रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और शिक्षा जैसे उद्योगों से जुड़ा है, न केवल व्यापार में बल्कि परोपकार में भी सक्रिय है।

  • दान: बताया जाता है कि इस साल अल हब्तूर समूह ने करीब ₹489 करोड़ रुपये से ज़्यादा का दान किया है।

  • शिक्षा: 2023 में, उन्होंने 100 अफगान छात्राओं को यूएई की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की थी।

पिता द्वारा बेटे को दी गई यह अनूठी ट्रेनिंग, यह दर्शाती है कि अल हब्तूर परिवार अपनी व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ ज़मीनी मूल्यों को भी महत्व देता है। यह कहानी सिखाती है कि अरबपति होने का मतलब यह नहीं है कि आपको अपने जीवन के आरंभ में संघर्ष से मुक्ति मिल जाए, बल्कि नेतृत्व का असली पाठ सीखने के लिए हर काम का अनुभव ज़रूरी है।


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