अहमदाबाद न्यूज डेस्क: आबूरोड रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अहमदाबाद से जम्मू तवी जा रही एक ट्रेन के जनरल कोच में सीट को लेकर पैसेंजर्स के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया। मामूली सी कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और कोच रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। इस मारपीट के दौरान गुस्से में आए लोगों ने कोच की खिड़कियों के शीशे तक तोड़ डाले, जिससे ट्रेन के अंदर मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दो गुटों के बीच हाथापाई इतनी जबरदस्त थी कि कोच में मौजूद महिलाएं और बच्चे डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे। घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर काबू पाया। पुलिस ने हंगामा कर रहे एक युवक को ट्रेन से नीचे उतार लिया, जिसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया जा सका।
हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना और तोड़फोड़ के बावजूद अब तक इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने जिस युवक को पकड़कर जीआरपी (GRP) के हवाले करने की बात कही थी, वह थाने तक पहुंचा ही नहीं। जीआरपी के अधिकारियों ने भी फिलहाल इस पूरे मामले से अनभिज्ञता जताई है और किसी भी प्रकार की आधिकारिक शिकायत दर्ज होने से इनकार किया है।
इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों के जनरल कोच में सुरक्षा व्यवस्था और भारी भीड़ के कारण होने वाले विवादों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार की दोपहर हुई इस हिंसा के बाद कोच में यात्रा कर रहे अन्य यात्री सहमे हुए नजर आए। रेलवे प्रशासन अब सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर मामले की असलियत जानने की कोशिश कर रहा है ताकि दोषियों की पहचान की जा सके।