अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अफ्रीका के कई देशों में इबोला वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए गुजरात सरकार ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग को पूरी तरह सतर्क मोड पर रखा गया है और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। गांधीनगर में हुई हाई-लेवल बैठक के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि फिलहाल गुजरात या देश में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा निगरानी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर रखी जा रही है। अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विशेष स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया गया है। खासकर युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की सघन जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक आने वाली फ्लाइट्स पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध मरीज की पहचान एयरपोर्ट स्तर पर ही की जा सके।
संभावित खतरे को देखते हुए राज्य के बड़े अस्पतालों में विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 30 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है, जबकि एसवीपी अस्पताल में 60 बेड का आइसोलेशन जोन तैयार किया गया है। वहीं सूरत सिविल अस्पताल में भी 10 बेड की अलग सुविधा बनाई गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि संदिग्ध मामलों के लिए अलग प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं और मेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा संक्रमण बंडीबुग्यो स्ट्रेन से जुड़ा है, जिसे ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि इसके लिए अभी तक कोई पुख्ता वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। इबोला संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, शरीर दर्द और गंभीर मामलों में ब्लीडिंग शामिल है। सरकार ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।