अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद ने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की संभावित मेजबानी को ध्यान में रखते हुए खुद को वैश्विक खेल केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज कर दी है। शहर में विश्व स्तरीय खेल बुनियादी ढांचे के निर्माण पर बड़े स्तर पर काम करने की योजना बनाई गई है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम पहले ही दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम के रूप में पहचान बना चुका है, वहीं अब शहर को बहु-खेल आयोजनों के लिए भी तैयार किया जा रहा है।
इस योजना के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल स्पोर्ट्स एन्क्लेव का बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा। 335 एकड़ में फैले इस स्पोर्ट्स एन्क्लेव में 12 हजार दर्शकों की क्षमता वाला आधुनिक एक्वेटिक्स सेंटर, 18 हजार क्षमता वाला मल्टीपर्पज इंडोर एरिना और 24 कोर्ट वाला विशाल टेनिस सेंटर विकसित किया जाएगा। मुख्य शो कोर्ट में एक साथ 24 हजार दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा यहां रिवरफ्रंट पार्क, बुलेवार्ड और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पोर्ट्स एक्सीलेंस भी प्रस्तावित हैं।
वहीं गुजरात पुलिस अकादमी के करई परिसर में 143 एकड़ का नया खेल प्रोजेक्ट तैयार किया जाएगा। यहां 50 हजार क्षमता वाला एथलेटिक्स स्टेडियम, आधुनिक शूटिंग सेंटर और हाई-परफॉर्मेंस सुविधाओं से लैस मल्टीपर्पज एरिना बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इन दोनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और इनके 2028 से 2029 के बीच पूरा होने की उम्मीद है।
भारतीय खेल प्राधिकरण (गुजरात) के अधिकारी भौमिक ओझा ने कहा कि यह पूरा प्रोजेक्ट शहर के दीर्घकालिक शहरी विकास और खेल विरासत निर्माण का हिस्सा है। मनसुख मांडविया ने भी शहर में विकसित हो रहे खेल ढांचे पर भरोसा जताते हुए कहा कि यह भविष्य में भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देगा। इसके अलावा आईआईटी गांधीनगर में दो नए हॉकी टर्फ और संस्कार धाम में तीरंदाजी, कुश्ती और फेंसिंग जैसी प्रतियोगिताओं के आयोजन की भी योजना है।
2030 राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 ओलंपिक की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच 2029 में होने वाले ‘वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स’ को अहमदाबाद की तैयारियों की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। अधिकारियों का दावा है कि मौजूदा खेल सुविधाओं से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि पहले ही प्रभावित हो चुके हैं और भविष्य में यह ढांचा शहर को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाएगा।