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डिजिटल दौर में बदलेगा रिश्वतखोरी का ट्रैप, ACB अब मनी ट्रेल और टेक्नोलॉजी से जुटाएगा सबूत

Photo Source : Google

Posted On:Monday, August 24, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) अब रिश्वतखोरी के मामलों की जांच के लिए अपने पुराने तरीकों के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने जा रहा है। पहले जहां रिश्वत लेते अधिकारी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए नोटों पर फिनॉल्फ्थेलीन पाउडर लगाया जाता था, वहीं अब डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी के बढ़ते इस्तेमाल के कारण ACB मनी ट्रेल और डिजिटल सबूतों पर भी फोकस करेगा।

वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, ACB विशेष सॉफ्टवेयर और तकनीकी उपकरण खरीद रहा है। इनकी मदद से रिश्वत की मांग की पुष्टि करने, पैसों के लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड खंगालने और डिजिटल सबूत सुरक्षित रखने पर जोर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अब जांच सिर्फ रिश्वत की रकम बरामद करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे लेन-देन की कड़ी को अदालत में साबित करने लायक बनाया जाएगा।

पारंपरिक ट्रैप कार्रवाई में रिश्वत के लिए इस्तेमाल होने वाले नोटों पर फिनॉल्फ्थेलीन पाउडर लगाया जाता है। आरोपी के नोट छूने के बाद उसके हाथों को सोडियम कार्बोनेट के घोल से धोया जाता है। पाउडर के घोल के संपर्क में आते ही रंग गुलाबी हो जाता है। इसी वजह से ऐसी कार्रवाई को ‘रंगे हाथों पकड़ना’ कहा जाता है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक अब कई मामलों में रिश्वत सीधे नकद लेने के बजाय डिजिटल माध्यमों या क्रिप्टोकरेंसी के जरिए दी जा रही है।

खासकर वरिष्ठ अधिकारियों के मामलों में डिजिटल ट्रांजैक्शन के कारण उन्हें मौके पर नकदी लेते हुए पकड़ना मुश्किल होता है। ऐसे मामलों में ACB बॉडी-वॉर्न कैमरा और डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। अधिकारियों ने साफ किया कि नई तकनीक पारंपरिक ट्रैप कार्रवाई की जगह नहीं लेगी, बल्कि जहां सीधे ट्रैप करना मुश्किल हो, वहां जांच और सबूतों को मजबूत करने में मदद करेगी।


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