अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात सरकार प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी के तहत मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अहमदाबाद नगर निगम को खारीकट नहर के पुनर्विकास के दूसरे चरण के लिए 1003 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इस रिडेवलपमेंट का मकसद नहर के आसपास के क्षेत्रों को बेहतर बनाना और लोगों को स्वच्छ जल व मजबूत संरचना मुहैया कराना है। पहले चरण में 12.75 किलोमीटर के हिस्से का काम पूरा किया जा चुका है, जिसमें करीब 700 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। दूसरे चरण के तहत बची हुई लंबाई को विकसित करने पर फोकस किया जाएगा।
दूसरे चरण के पुनर्विकास कार्य को चार हिस्सों में बांटा गया है। पहले खंड में एस.पी. रिंग रोड से नरोडा श्मशान तक का काम किया जाएगा। दूसरे खंड में विंजोल वहाला से घोड़ासर (आवकार हॉल) तक, तीसरे खंड में घोड़ासर से वटवा गांव तक और चौथे व पांचवें खंड में वटवा गांव से एस.पी. रिंग रोड तक नहर का पुनर्विकास किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत वाटर बॉक्स स्ट्रक्चर, सड़क, फुटपाथ, रिटेनिंग वॉल, जलापूर्ति पाइपलाइन, सिंचाई संरचना, वर्षा जल निकासी और सीवर सिस्टम पर भी काम किया जाएगा ताकि नहर का पानी स्वच्छ रहे और आसपास की संरचना मजबूत हो।
खारीकट नहर के दोनों तरफ फैले कचरे और दूषित पानी की समस्या को दूर करने के लिए यह प्रोजेक्ट अहम है। अहमदाबाद के विस्तार के कारण नहर के दोनों किनारों पर हार्ड वेस्ट जमा हो रहा है, जिससे नहर का पानी प्रदूषित हो गया है और लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा है। टीपी एरिया के बीच कनेक्टिविटी की समस्या को भी इस रिडेवलपमेंट से हल किया जाएगा। पहले चरण का 80% काम पूरा हो चुका है, और अब दूसरे चरण के जरिए बचा हुआ काम भी जल्द ही पूरा किया जाएगा।