अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में हनीट्रैप के जरिए अपहरण और लूट का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने खुद को गांधीनगर क्राइम ब्रांच का कर्मचारी बताया था। शिकायत 10 मार्च को वस्त्रापुर थाने में दर्ज की गई थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आसिफ उर्फ दाणियो देसाई (38) और अल्पेश उर्फ मुकेश डाभी (38) के रूप में हुई है, जो धंधुका के रहने वाले हैं। दोनों के खिलाफ पहले से एक दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन समेत कुल 1.40 लाख रुपये का सामान जब्त किया है।
पुलिस जांच में पता चला है कि सरखेज निवासी अबू नाम के व्यक्ति ने आरोपियों को टिप दी थी कि वसीम मोघल के पास बड़ी रकम है। इसके बाद आरोपियों ने महेसाणा नागलपुर के रहने वाले समीर उर्फ डीजे की मदद ली। समीर ने अपनी प्रेमिका किट्टू ठाकोर को इस साजिश में शामिल किया। किट्टू ने अपना नाम कायनात सैयद बताकर वसीम से दोस्ती की और नौकरी की जरूरत का बहाना बनाकर उसे हनीट्रैप में फंसा लिया।
26 फरवरी की रात किट्टू ने वसीम से कहा कि उसे घर छोड़ने के लिए साथ चले। वसीम ने उसे एसजी हाईवे के गुरुद्वारा सर्कल पर बुलाया। वहां पहुंचने पर किट्टू के साथियों ने वसीम की कार को घेर लिया। वॉमिट का बहाना बनाकर वसीम को गांधीनगर के घ-6 सर्कल तक ले जाया गया। इसके बाद आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का कर्मचारी बताकर वसीम पर अपहरण का आरोप लगाकर धमकी दी और एक करोड़ रुपये की मांग की।
वसीम ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपियों ने उसके पास से 12 हजार रुपये नकद, 600 दिरहम, एक घड़ी और मोबाइल फोन समेत कुल 1.20 लाख रुपये लूट लिए। क्राइम ब्रांच ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। इस घटना ने शहर में हड़कंप मचा दिया है।