अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात में 25 फरवरी का दिन ऐतिहासिक बन गया जब राज्य की अदालतों ने पोक्सो एक्ट के तहत सात अलग-अलग मामलों में आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। सरकार का उद्देश्य अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करना और इस तरह के अपराधों पर लगाम लगाना है। इस फैसले को लेकर गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि यह समाज में सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा और जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश देगा।
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि गुजरात सरकार बलात्कार जैसे घिनौने अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। भूपेंद्र पटेल के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक 574 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलाई जा चुकी है, जबकि 11 अपराधियों को फांसी की सजा मिली है। उन्होंने बताया कि बेटियों को त्वरित न्याय दिलाने की इस पहल में राज्य सरकार को बड़ी सफलता हाथ लगी है और यह सिलसिला जारी रहेगा।
संघवी ने इस दिन को गुजरात की महिलाओं और बेटियों के लिए न्याय के प्रतीक के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि अमरेली में तीन, राजकोट में तीन और वडोदरा में एक परिवार को इंसाफ मिला। सात अलग-अलग अदालतों ने एक ही दिन में सात अपराधियों को उम्रकैद की सजा सुनाई, जो देशभर में कानून और न्याय व्यवस्था के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार और अदालतों ने बलात्कारियों के खिलाफ सख्त रवैया अपनाते हुए उन्हें स्पष्ट संदेश दिया है। आने वाले दिनों में भी लंबित मामलों में जल्द फैसले दिलाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। गुजरात पुलिस और न्याय व्यवस्था की इस सफलता पर गृह राज्य मंत्री ने सभी अधिकारियों की सराहना की और कहा कि यह राज्य में महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है।