ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

उत्तराखंड में अगले छह महीनों के लिए सभी सरकारी सेवाओं में हड़ताल पर पूर्ण प्रतिबंध: धामी सरकार ने एस्मा (ESMA) किया लागू

Photo Source :

Posted On:Friday, July 31, 2026

चारधाम यात्रा, मानसून सत्र और आपदा प्रबंधन की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत अधिसूचना जारी करते हुए अगले छह महीनों के लिए राज्य की सभी राज्याधीन और आवश्यक सेवाओं में कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार की हड़ताल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से पूरे प्रदेश में लागू हो गया है।

यह सख्त कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठन वेतन विसंगतियों, समयबद्ध पदोन्नति और सेवा शर्तों में सुधार जैसी मांगों को लेकर आंदोलन और कार्य बहिष्कार की चेतावनी दे रहे थे। सरकार को अंदेशा था कि यदि स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, परिवहन और पुलिस जैसी अति-आवश्यक सेवाओं के कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो इससे आम नागरिकों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विशेषकर वर्तमान में जारी चारधाम यात्रा के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं प्रभावित हो सकती थीं।

उत्तराखंड में प्रभावी इस कानून के लागू होने के बाद यदि कोई भी कर्मचारी संगठन या सेवा संघ हड़ताल या कार्य बहिष्कार में शामिल होता है, तो उसे गैर-कानूनी माना जाएगा। एस्मा के प्रावधानों के उल्लंघन पर पुलिस को बिना वारंट गिरफ्तारी करने और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने का अधिकार होगा। शासन का मानना है कि मानसून के दौरान भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सभी सरकारी तंत्रों का चौबीसों घंटे मुस्तैद रहना अत्यंत आवश्यक है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.