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यूपी चुनाव 2027 से पहले सपा का बड़ा दांव: समाजवादी छात्रसभा का बदला ड्रेस कोड, नीले रंग से दलित और जेन-जी वोटरों पर साधने की कोशिश

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Posted On:Tuesday, September 8, 2026

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी (SP) ने अपने फ्रंटल छात्र संगठन 'समाजवादी छात्रसभा' की विजुअल पहचान में ऐतिहासिक बदलाव किया है। पार्टी के पारंपरिक लाल और हरे रंग की जगह अब छात्रसभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नीली टी-शर्ट और नीली जींस के नए यूनिफॉर्म अवतार में नजर आएंगे। 8 सितंबर को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित राज्यस्तरीय छात्र सम्मेलन में कार्यकर्ताओं ने इसी नए ड्रेस कोड के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बदलाव केवल पहनावे तक सीमित नहीं है, बल्कि सपा के वृहद 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सामाजिक समीकरण को नया विस्तार देने की एक सोची-समझी कूटनीति है। भारतीय राजनीति में नीला रंग ऐतिहासिक रूप से बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की विचारधारा और दलित स्वाभिमान का प्रतीक माना जाता है। 2024 के लोकसभा चुनावों में मिली सफलता के बाद अखिलेश यादव की नज़र अब राज्य के युवा और जेन-जी (Gen-Z) दलित वोट बैंक पर टिकी है।

महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पारंपरिक प्रभाव को चुनौती देने के लिए सपा ने यह कदम उठाया है। हालाँकि, पार्टी के आधिकारिक ध्वज और छात्रसभा के मूल लोगो में लाल और हरा रंग पहले की तरह ही बरकरार रहेगा। नीले परिधान के ज़रिए समाजवादी पार्टी दलित युवाओं के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाकर 2027 के चुनावी समर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कड़ी शिकस्त देने का ताना-बाना बुन रही है।


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