ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी: शादी के बाद पति-पत्नी का अलग रहना संभव नहीं, विवाद सुलझाने की दी सलाह, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Thursday, August 21, 2025

मुंबई, 21 अगस्त, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि एक शादीशुदा जोड़े में पति या पत्नी के लिए अलग रहना नामुमकिन है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति अलग रहना चाहता है तो उसे शादी ही नहीं करनी चाहिए। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने कहा कि शादी का अर्थ है दो आत्माओं और दो लोगों का मिलन, ऐसे में पति-पत्नी का अलग रहना उचित नहीं हो सकता। दरअसल, मामला एक ऐसे दंपती से जुड़ा था, जिनके दो छोटे बच्चे हैं और दोनों अलग रह रहे हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुई महिला ने कहा कि उसका पति सिंगापुर में रहता है और फिलहाल भारत में मौजूद है, लेकिन वह मामला सुलझाने को तैयार नहीं है और सिर्फ बच्चों की कस्टडी चाहता है। इस पर अदालत ने महिला से पूछा कि वह सिंगापुर क्यों नहीं जा सकतीं, तो महिला ने पति के व्यवहार को कारण बताया। उसने कहा कि पति से कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती और सिंगल मदर होने की वजह से उसे नौकरी की जरूरत है।

इस पर कोर्ट ने पति को पांच लाख रुपए जमा करने का निर्देश दिया। हालांकि महिला ने कहा कि वह किसी पर निर्भर नहीं रहना चाहती। जस्टिस नागरत्ना ने इस पर कहा कि शादी के बाद पत्नी यह नहीं कह सकती कि वह पति पर निर्भर नहीं रहना चाहती। भले ही आर्थिक रूप से न सही, लेकिन भावनात्मक रूप से तो पति-पत्नी एक-दूसरे पर निर्भर होते ही हैं। उन्होंने कहा कि शायद यह सोच पुरानी लग सकती है, लेकिन शादी के बाद स्वतंत्रता की ऐसी बात उचित नहीं है। पत्नी ने कोर्ट से समय मांगा और कहा कि वह सोचकर जवाब देगी। अदालत ने दोनों पक्षों से कहा कि आप पढ़े-लिखे लोग हैं, इसलिए विवादों को आपसी सहमति से सुलझाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट पहले भी तलाक और वैवाहिक विवादों में कई अहम टिप्पणियां कर चुका है। दिसंबर 2024 में कोर्ट ने कहा था कि शादी का रिश्ता आपसी भरोसे, साथ और साझा अनुभवों पर आधारित होता है। अगर लंबे समय तक यह नहीं होता तो विवाह केवल कागजों पर रह जाता है। उस मामले में 20 साल से अलग रह रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर दंपती को तलाक देते हुए पत्नी को 50 लाख रुपए एलीमनी और बेटी की पढ़ाई व भविष्य के खर्चों के लिए अतिरिक्त 50 लाख रुपए देने का आदेश दिया गया था।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.