ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

पैदा कम हो रहे, मर ज्यादा रहे… केरल में हर साल घट रही हिंदुओं की आबादी, ईसाइयों का भी हाल ठीक नहीं

Photo Source :

Posted On:Thursday, June 11, 2026

केरल के अर्थशास्त्र और सांख्यिकी विभाग (Economics and Statistics Department) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने राज्य के जनसांख्यिकीय (Demographic) परिदृश्य को लेकर एक नई और चिंताजनक बहस छेड़ दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, केरल में हिंदू और ईसाई समुदायों के भीतर मरने वाले लोगों की संख्या, जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या से अधिक हो गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि इन दोनों धर्मों में ‘नेगेटिव नेचुरल ग्रोथ रेट’ (NGR) देखी जा रही है, जिसके कारण इन समुदायों की जनसंख्या प्राकृतिक रूप से धीरे-धीरे घट रही है।

क्या होती है 'नेगेटिव नेचुरल ग्रोथ रेट' (NGR)?

सरल शब्दों में कहें तो 'नेगेटिव नेचुरल ग्रोथ रेट' का अर्थ यह है कि जब किसी विशेष क्षेत्र या समुदाय में एक निश्चित समय (जैसे एक साल) के भीतर होने वाली मौतों का आंकड़ा, वहां पैदा होने वाले बच्चों की संख्या को पार कर जाता है, तो उसे नेगेटिव ग्रोथ माना जाता है। ऐसे में बिना किसी पलायन (Migration) के भी उस समुदाय की आबादी अपने आप कम होने लगती है।

आंकड़ों में गिरावट की भयावहता

सांख्यिकी विभाग के डेटा के अनुसार, हिंदुओं और ईसाइयों में यह गिरावट कोई अचानक हुआ बदलाव नहीं है, बल्कि यह साल दर साल गहराता जा रहा है:

  • हिंदू समुदाय: हिंदुओं में 'नेचुरल ग्रोथ रेट' पहली बार साल 2022 में नेगेटिव (-0.080%) दर्ज की गई थी। साल 2023 के ताजा आंकड़ों में यह स्थिति और खराब होकर -0.115% पर पहुंच गई है। यह लगातार दूसरा साल है जब हिंदुओं की आबादी प्राकृतिक रूप से घटी है।

  • ईसाई समुदाय: ईसाई समुदाय इस मामले में हिंदुओं से भी आगे है। यह समुदाय साल 2021 (-0.095%) से ही लगातार नेगेटिव दायरे में बना हुआ है। साल 2023 में ईसाई समुदाय की NGR -0.084% दर्ज की गई, जो लगातार तीसरे साल गिरावट को दर्शाती है।

मुस्लिम समुदाय में ग्रोथ पॉजिटिव, कुल आबादी पर असर

रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक तरफ हिंदू और ईसाई समुदायों की आबादी घट रही है, वहीं राज्य में केवल मुस्लिम समुदाय ही ऐसा है जहां जन्म लेने वालों की संख्या, मरने वालों की संख्या से अधिक बनी हुई है। इसी वजह से साल 2023 में केरल की कुल ओवरऑल नेचुरल ग्रोथ रेट मामूली रूप से पॉजिटिव (0.249%) रही है, जिससे राज्य की कुल जनसंख्या में अभी थोड़ी-बहुत बढ़ोतरी दिख रही है।

2041 तक घट जाएगी पूरे केरल की जनसंख्या!

जनसांख्यिकीय और सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि केरल में शिक्षा, देर से शादी, और जीवन स्तर के ऊंचे होने के कारण सभी समुदायों में जन्म दर (Birth Rate) लगातार गिर रही है। यदि यही ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले 15-20 सालों में केरल की सामाजिक और राजनीतिक संरचना पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि साल 2041 के आसपास पूरे केरल राज्य की कुल जनसंख्या बढ़ने के बजाय स्थायी रूप से घटने लगेगी।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.