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कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश का अनुपालन: सांसद अभिषेक बनर्जी ने बिधाननगर कोर्ट में दर्ज कराया वॉयस सैंपल, डीजे टिप्पणी मामले में जांच तेज

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Posted On:Thursday, July 16, 2026

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राजनीतिक विन्यास और विधिक गलियारों में जारी भारी गहमागहमी के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने न्यायपालिका के कड़े रुख के आगे कदम बढ़ा दिए हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा दी गई सख्त चेतावनी का पालन करते हुए सांसद बनर्जी बुधवार (15 जुलाई 2026) को सुबह करीब 11:49 बजे साल्टलेक स्थित बिधाननगर मजिस्ट्रेट अदालत में मुस्तैद हुए। उन्होंने 'डीजे विवादित टिप्पणी' मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों और राज्य पुलिस के अपराध जांच विभाग (CID) के फोरेंसिक विशेषज्ञों के समक्ष आधिकारिक तौर पर अपनी आवाज का नमूना (Voice Sample) दर्ज कराया। दोपहर लगभग 1:27 बजे यह विखंडनकारी विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय परिसर से रवाना हुए।

इस कानूनी मामले के सांख्यिकी विवरण और पुराने विवादों पर गौर करें तो न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ ने 10 जुलाई को एक कड़ा निर्देश जारी किया था। अदालत ने स्पष्ट सुरक्षा कवच के तहत कहा था कि यदि अभिषेक बनर्जी तय समय सीमा के भीतर अपना वॉयस सैंपल नहीं देते हैं, तो उन्हें गिरफ्तारी या किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से मिली अंतरिम अदालती राहत विधिक रूप से वापस ले ली जाएगी। इससे पहले, 8 जुलाई को उनके उपस्थित न होने पर अदालत ने सख्त नाराजगी व्यक्त की थी, जिसके बाद इस प्रशासनिक लॉजिस्टिक्स को धरातल पर उतारा गया।

यह पूरा विधिक संकट पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान दी गई एक कथित चुनावी रैली के नियमों से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने विपक्ष को धमकी भरे लहजे में कहा था कि नतीजों के बाद उनके घरों के बाहर भारी क्षमता वाले 'डीजे साउंड सिस्टम' बजाए जाएंगे। एक स्थानीय मतदाता द्वारा दर्ज कराई गई आपराधिक धमकी की शिकायत के आधार पर शुरू हुई इस जांच का सांख्यिकी विश्लेषण अब फोरेंसिक विलेखों पर टिका है। खेल अब पूरी तरह से इस प्रयोगशाला परीक्षण की रिपोर्ट और आगामी अदालती सुनवाइयों के कड़े नियमों पर आश्रित है।


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