ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफर शुरू: जींद से सोनीपत के बीच चली 'इतिहास' रचने वाली स्वदेशी ट्रेन

Photo Source :

Posted On:Friday, July 17, 2026

"दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन"

पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए भारत की इस उपलब्धि की तुलना देश की पहली रेल यात्रा से की:

"जैसे भारत में चली पहली ट्रेन के लिए बॉम्बे और ठाणे का नाम अमर हो गया, वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा, तो जींद, सोनीपत और हरियाणा का नाम गर्व से लिया जाएगा।"

प्रधानमंत्री ने इस स्वदेशी ट्रेन की दो सबसे बड़ी खासियतें बताईं जो इसे वैश्विक स्तर पर अन्य देशों की ट्रेनों से आगे खड़ा करती हैं:

  • अभूतपूर्व ताकत: यह ट्रेन 3200 हॉर्स पावर (HP) की ताकत वाली है, जो इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बनाती है।

  • अधिक क्षमता (10 डिब्बे): अन्य देशों में चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेनें आमतौर पर केवल 3 से 4 कोच (डिब्बों) की होती हैं, जबकि भारत की यह स्वदेशी ट्रेन 10 डिब्बों (Coaches) के साथ पटरी पर उतरी है।

जींद-सोनीपत रूट और ट्रेन की तकनीकी बारीकियां

विशेषता विवरण
प्रस्थान और गंतव्य जींद से सोनीपत (हरियाणा)
कुल दूरी 89 किलोमीटर
यात्रा का समय लगभग 2 घंटे (12 स्टेशनों पर ठहराव)
तकनीक 1,200 kW क्षमता वाली हाइड्रोजन फ्यूल-सेल प्रणोदन प्रणाली (Propulsion System)
अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा
उत्सर्जन (Emission) शून्य प्रदूषण (केवल पानी और भाप का उत्सर्जन)

कैसे काम करती है यह तकनीक?

यह ट्रेन पारंपरिक डीजल या बिजली के ओवरहेड तारों के बजाय पूरी तरह स्वच्छ ईंधन पर काम करती है:

  1. हाइड्रोजन फ्यूल-सेल: ट्रेन की छत पर स्थापित फ्यूल-सेल्स के भीतर हाइड्रोजन गैस और हवा में मौजूद ऑक्सीजन के बीच एक रासायनिक प्रक्रिया कराई जाती है।

  2. बिजली का उत्पादन: इस रासायनिक प्रक्रिया से बिजली (Electricity) पैदा होती है, जिसका उपयोग ट्रेन के इलेक्ट्रिक मोटर्स को चलाने के लिए किया जाता है।

  3. शून्य प्रदूषण: चूंकि इस पूरी प्रक्रिया का एकमात्र सह-उत्पाद (Byproduct) केवल पानी ($H_2O$) और भाप होता है, इसलिए इससे कोई भी हानिकारक गैस या धुआं बाहर नहीं निकलता।

"घेवर नहीं बदला, पर जींद के तेवर बदल गए"

पीएम मोदी ने जींद से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि कई दशक पहले वे संगठन के काम के सिलसिले में पहली बार जींद आए थे। उन्होंने चुटीले अंदाज में कहा, "इतने वर्षों में जींद का घी और जींद का घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर जरूर बदल गए हैं। आज का यह कार्यक्रम डबल इंजन सरकार के सुशासन और विकास के विजन की एक खूबसूरत तस्वीर है।"

इस ट्रेन का डिजाइन और निर्माण पूरी तरह भारत में किया गया है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत उन्नत रेल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश की बढ़ती ताकत को प्रदर्शित करता है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.