ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

राजेश खन्ना के 'आशीर्वाद' बंगले को 'भूतिया' बताने पर हाईकोर्ट सख्त, मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म को लगाई रोक

Photo Source :

Posted On:Thursday, July 30, 2026

मुंबई। बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार रहे राजेश खन्ना के प्रतिष्ठित बंगले 'आशीर्वाद' को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर बॉम्बे उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मीडिया संस्थानों, वेबसाइटों और डिजिटल प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया है कि वे इस संपत्ति को "भूतिया", "शापित" या "अशुभ" जैसे शब्दों से जोड़कर कोई भी सामग्री प्रकाशित या प्रसारित न करें। न्यायालय ने माना कि इस प्रकार के दावे बिना ठोस आधार के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकते हैं और सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अधिकार का उल्लंघन करते हैं।

यह मामला बंगले के वर्तमान मालिक व्यवसायी शशि शेट्टी द्वारा दायर याचिका के बाद अदालत के समक्ष पहुंचा। याचिका में कहा गया कि कई ऑनलाइन लेखों, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में इस संपत्ति को अंधविश्वास से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि पुराना बंगला काफी पहले हटाया जा चुका है और उसकी जगह नया आवास निर्मित हो चुका है। इसके बावजूद संपत्ति को आज भी 'आशीर्वाद' के नाम से पहचाना जाता है, जिससे इस तरह की खबरों का सीधा असर वर्तमान मालिक की छवि पर पड़ रहा है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि विवादित सामग्री प्रकाशित करने वाले पक्ष अपने दावों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। ऐसे में न्यायालय ने अंतरिम राहत देते हुए संबंधित सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी ऐतिहासिक या चर्चित संपत्ति को सनसनीखेज तरीके से प्रस्तुत करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में स्वतः स्वीकार्य नहीं माना जा सकता, विशेषकर जब उससे किसी की प्रतिष्ठा प्रभावित होती हो।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश डिजिटल मीडिया और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश है कि तथ्यहीन और अंधविश्वास आधारित सामग्री प्रकाशित करने से पहले जिम्मेदारी और सत्यता का ध्यान रखना आवश्यक है। न्यायालय का अंतरिम आदेश अगली सुनवाई तक प्रभावी रहेगा, जहां मामले पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.