ताजा खबर
ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||    ‘गोलमाल 5’ की रिलीज डेट का ऐलान, 8 जनवरी 2027 को फिर मचेगा हंसी का धमाल   ||   

ग्रेटर नोएडा में बीटेक छात्र ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी यह वजह, सहम गए हॉस्टल के बाकी बच्चे

Photo Source :

Posted On:Wednesday, December 24, 2025

ग्रेटर नोएडा का नॉलेज पार्क, जो अपनी बड़ी शिक्षण संस्थाओं के लिए जाना जाता है, वहां से एक बार फिर एक दुखद खबर सामने आई है। दिल्ली टेक्निकल कैंपस (DTC) के 26 वर्षीय बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र आकाशदीप ने पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव के कारण अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। छात्र का शव उसके हॉस्टल के कमरे में मिला, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर है।

घटना का विवरण

आकाशदीप नॉलेज पार्क स्थित एसएनएच (SNH) हॉस्टल में रह रहा था। घटना का पता तब चला जब वह काफी समय तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। साथ रहने वाले छात्रों ने जब दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने अनहोनी की आशंका में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब दरवाजा खोला, तो आकाशदीप का शव फंदे से लटका पाया गया।

सुसाइड नोट में छलका दर्द

पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इस पत्र में छात्र ने विस्तार से अपनी मानसिक स्थिति का वर्णन किया है। नोट के अनुसार, वह अपनी पढ़ाई के अत्यधिक बोझ और मानसिक तनाव को सहन नहीं कर पा रहा था। हालांकि, उसने अपनी मौत के लिए किसी व्यक्ति या संस्था को जिम्मेदार नहीं ठहराया और इसे अपना निजी फैसला बताया।

बढ़ता दबाव और संस्थानों की जिम्मेदारी

ग्रेटर नोएडा जैसे एजुकेशन हब में इस तरह की घटनाएं पहली बार नहीं हुई हैं। अक्सर युवा अपने करियर और ग्रेड्स को लेकर इतने बड़े दबाव में आ जाते हैं कि वे जीवन के महत्व को भूल बैठते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • मानसिक परामर्श की कमी: कॉलेजों में प्रोफेशनल काउंसलर्स का होना अनिवार्य होना चाहिए ताकि छात्र समय रहते अपनी उलझनें साझा कर सकें।

  • प्रतिस्पर्धा का बोझ: ग्रेड्स और प्लेसमेंट की दौड़ में छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य कहीं पीछे छूट जाता है।

  • संवाद का अभाव: हॉस्टलों और पीजी में रहने वाले छात्रों के बीच आपसी संवाद की कमी उन्हें अकेलेपन की ओर धकेल रही है।

निष्कर्ष

आकाशदीप की मृत्यु न केवल एक परिवार के चिराग का बुझना है, बल्कि यह हमारे शिक्षा तंत्र और समाज के लिए एक चेतावनी भी है। पढ़ाई जरूरी है, लेकिन वह जीवन से बड़ी नहीं हो सकती। संस्थानों को अब केवल सिलेबस पूरा करने पर ही नहीं, बल्कि छात्रों की मानसिक मजबूती और उनके कल्याण पर भी गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.