ताजा खबर
मुश्ताक खान का 56 साल की उम्र में निधन   ||    केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत: सितंबर 2026 की सैलरी समय से पहले होगी क्रेडिट   ||    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026: 6 देशों की कंपनियां लेंगी हिस्सा, ग्रेटर नोएडा में होगा भव्य आ...   ||    आईपीओ लिस्टिंग डे बाइंग रिस्क: लिस्टिंग के दिन खरीदारी करने वाले रिटेल निवेशकों को 75% तक का घाटा, व...   ||    ओला इलेक्ट्रिक की 28 सितंबर को बोर्ड बैठक: राइट्स इश्यू के जरिए पूंजी जुटाने की योजना से शेयरों में ...   ||    एनएसई आईपीओ की बीएसई पर ऐतिहासिक लिस्टिंग: फ्लैट शुरुआत के बीच संस्थागत निवेशकों के भरोसे से मिली मज...   ||    बैंक हड़ताल से राहत: रविवार 27 सितंबर को खुलेंगे सरकारी बैंक, वित्त मंत्रालय का ग्राहकों के लिए बड़ा...   ||    ग्लोबल बिज़नेस हब बना उत्तर प्रदेश: ग्रेटर नोएडा में 25 सितंबर से शुरू होगा 4th UP इंटरनेशनल ट्रेड श...   ||    केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: बैंक हड़ताल से पहले 25 सितंबर को ही खाते में आएगी एडवांस सैलर...   ||    त्योहारों से पहले केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटाया, 24 सितंबर से लागू हों...   ||   

त्योहारों से पहले केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: खाद्य तेलों पर आयात शुल्क घटाया, 24 सितंबर से लागू होंगी नई दरें

Photo Source :

Posted On:Thursday, September 24, 2026

आगामी त्यौहारी सीजन के दौरान आम जनता को महंगाई से राहत देने और देश भर में खाद्य तेलों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने विभिन्न श्रेणियों के कच्चे (Crude) और रिफाइंड एडिबल ऑयल पर प्रभावी आयात शुल्क (Customs Duty) में उल्लेखनीय कटौती की घोषणा की है। अधिसूचना के अनुसार, यह नई संशोधित दरें 24 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई हैं, जिससे प्रसंस्करण कंपनियों और खाद्य तेल वितरकों के लिए आयात लागत में सीधी कमी देखने को मिलेगी।

संशोधित कर दरों के तहत कच्चे सोयाबीन व क्रूड पाम ऑयल पर बुनियादी शुल्क को 10% से घटाकर 5% कर दिया गया है, जबकि क्रूड सनफ्लावर ऑयल पर आयात शुल्क को शून्य कर दिया गया है। इसी प्रकार, रिफाइंड पाम और सोयाबीन तेल पर शुल्क 32.5% से घटाकर 27.5% और रिफाइंड सनफ्लावर तेल पर 22.5% कर दिया गया है। भारत अपनी घरेलू जरूरतों का लगभग 60% खाद्य तेल इंडोनेशिया, मलेशिया और अर्जेंटीना जैसे देशों से आयात करता है। त्योहारी अवधि में मिठाइयों, स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड की मांग में बढ़ोतरी को देखते हुए इस कदम से बाजार में तरलता बनी रहेगी।

हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि खुदरा बाजारों में कीमतों में गिरावट आने में कुछ समय लग सकता है। खुदरा दरें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी कीमतों, अमेरिकी डॉलर-रुपये की विनिमय दर और एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों के पास मौजूद पुराने इन्वेंट्री स्टॉक पर निर्भर करेंगी। इसके अतिरिक्त, सरकार के समक्ष उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर सामग्री उपलब्ध कराने और दूसरी ओर घरेलू तिलहन किसानों (विशेषकर सोयाबीन व सरसों उत्पादकों) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने की भी बड़ी चुनौती है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.