ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

शहीद शरीफ उस्मान हादी हॉल: बदल गया ढाका यूनिवर्सिटी के 'बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान' हॉस्टल का नाम

Photo Source :

Posted On:Monday, December 22, 2025

बांग्लादेश की राजनीति और वहां के प्रतिष्ठित ढाका विश्वविद्यालय में एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। 'जुलाई विद्रोह' के नायक रहे युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की शहादत के बाद, छात्रों के भारी दबाव के बीच विश्वविद्यालय के 'बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान छात्रावास' का नाम बदलकर अब 'शहीद शरीफ उस्मान हादी हॉल' कर दिया गया है। यह घटनाक्रम न केवल एक नाम का परिवर्तन है, बल्कि बांग्लादेश के बदलते सियासी मिजाज और नई पीढ़ी के तेवरों का प्रतिबिंब भी है।

कौन थे शरीफ उस्मान हादी?

शरीफ उस्मान हादी एक उभरते हुए युवा नेता थे, जिन्होंने पिछले साल शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए 'जुलाई विद्रोह' में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनकी लोकप्रियता छात्रों के बीच काफी अधिक थी।

  • हमला: 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में एक चुनावी अभियान के दौरान अज्ञात नकाबपोश बंदूकधारियों ने उनके सिर में गोली मार दी थी।

  • निधन: गंभीर रूप से घायल हादी को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहाँ छह दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद गुरुवार को उनका निधन हो गया।

उनकी मौत की खबर फैलते ही पूरे बांग्लादेश में आक्रोश की लहर दौड़ गई और कई जगहों पर तोड़फोड़ व विरोध प्रदर्शन की घटनाएं हुईं। सरकार ने उनके सम्मान में एक दिन का राजकीय शोक भी घोषित किया था।

नामपट्टिका हटाने और नाम बदलने का घटनाक्रम

'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार की रात ढाका विश्वविद्यालय में जबरदस्त हलचल देखी गई। छात्रावास में रहने वाले छात्रों के संगठन ‘हॉल यूनियन’ ने एक सामूहिक निर्णय लेते हुए बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की नामपट्टिका को हटाने का फैसला किया।

  1. क्रेन का इस्तेमाल: शनिवार रात करीब 9:45 बजे क्रेन की मदद से मुख्य गेट पर लगी पुरानी नामपट्टिका को हटाया गया।

  2. नया नामकरण: पुरानी पट्टिका की जगह तुरंत ‘शहीद शरीफ उस्मान हादी हॉल’ की नई पट्टिका लगा दी गई।

  3. भित्तिचित्र पर प्रहार: केवल नाम ही नहीं बदला गया, बल्कि रात करीब 11:15 बजे छात्रों ने छात्रावास की मुख्य इमारत पर बने देश के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान के विशाल भित्तिचित्र (Mural) पर पेंट फेरकर उसे मिटा दिया।

छात्र शक्ति और प्रशासनिक चुप्पी

जब इस कार्रवाई की वैधानिकता और विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के बारे में सवाल पूछे गए, तो छात्रों का रुख स्पष्ट था। 'हॉल काउंसिल' के उपाध्यक्ष मुस्लिमुर रहमान ने मीडिया से कहा, "छात्रावास के सामान्य छात्रों की यह पुरजोर मांग थी। हम छात्रों के फैसले का सम्मान कर रहे हैं और उनके आधार पर ही यह बदलाव किया गया है।"

विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक सचिव मुसद्दीक इब्न अली मोहम्मद ने भी इस प्रक्रिया की पुष्टि की। यह साफ दर्शाता है कि फिलहाल विश्वविद्यालय परिसरों में प्रशासनिक आदेशों से ज्यादा छात्रों की सामूहिक इच्छाशक्ति प्रभावी है।

निष्कर्ष: एक नए युग की आहट?

शेख मुजीबुर रहमान, जिन्हें बांग्लादेश का राष्ट्रपिता माना जाता है, उनके नाम वाली इमारतों और प्रतीकों को हटाना यह दर्शाता है कि विद्रोह के बाद की नई पीढ़ी पुरानी व्यवस्था के प्रतीकों से दूरी बनाना चाहती है। शरीफ उस्मान हादी अब इस नए आंदोलन के 'पोस्टर बॉय' बन चुके हैं।

हालाँकि, इतिहास के जानकारों का मानना है कि इस तरह के बदलाव समाज में ध्रुवीकरण को और बढ़ा सकते हैं। फिलहाल, ढाका विश्वविद्यालय का यह छात्रावास बांग्लादेश की बदलती राजनीतिक दिशा का सबसे बड़ा गवाह बन गया है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.