ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

1.35 लाख करोड़ की संपत्ति, फिर भी बेटे से क्यों कराते थे होटल में वेटर का काम? कहानी UAE के उद्योगपति की

Photo Source :

Posted On:Saturday, December 6, 2025

दुबई: दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार, यूएई के अल हब्तूर ग्रुप के चेयरमैन शेख खलफ अल हब्तूर ने अपने बेटे के पालन-पोषण और करियर को लेकर एक ऐसा खुलासा किया है, जिसने कॉर्पोरेट जगत और अभिभावकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। शेख खलफ ने बताया कि उनका बड़ा बेटा मुहम्मद अल हब्तूर आज एक शीर्ष अधिकारी बनने से पहले, उनके ही होटल में बर्तन धोने, झाड़ू-पोछा लगाने, ग्राहकों के बिस्तर ठीक करने और वेटर का काम करके बड़ा हुआ है। करोड़ों की संपत्ति वाले घराने के वारिस के लिए यह 'ग्राउंड वर्क' ट्रेनिंग, बिजनेस लीडरशिप की पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देती है।

डिग्री नहीं, अनुभव से बनता है करियर

शेख खलफ अल हब्तूर (जिनके समूह की अनुमानित संपत्ति ₹1.35 लाख करोड़ से अधिक है) का मानना है कि करियर सिर्फ अकादमिक डिग्री से नहीं बनता। उनका कहना है कि असली सीख फील्ड में मिलती है। इसीलिए, उनके बेटे मुहम्मद ने होटल मैनेजमेंट की डिग्री हासिल करने के बावजूद, उन्हें तुरंत डायरेक्टर की कुर्सी पर नहीं बैठाया गया। खलीज टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा: "डिग्री ज़रूरी है, लेकिन अनुभव उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है। वास्तविक इंजीनियरिंग, असली मैनेजमेंट, असली काम साइट पर ही जाकर समझ में आता है। सिर्फ किताबें पढ़कर कोई करियर नहीं बनता। फील्ड में उतरने से जो सीख मिलती है, वही किसी को पेशेवर (Professional) बनाती है।"

इस कठोर ग्राउंड-वर्क ट्रेनिंग का उद्देश्य बेटे को संगठन की रीढ़—फ्रंटलाइन स्टाफ—की चुनौतियों और दैनिक कार्यों को समझना सिखाना था। खलफ अल हब्तूर के अनुसार, "ग्राउंड वर्क सीखे बिना कोई मैनेजर नहीं बन सकता। नौकरी का असली स्वाद इसी से आता है।"

दान और परोपकार की विरासत

अल हब्तूर समूह, जो होटल, रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और शिक्षा जैसे उद्योगों से जुड़ा है, न केवल व्यापार में बल्कि परोपकार में भी सक्रिय है।

  • दान: बताया जाता है कि इस साल अल हब्तूर समूह ने करीब ₹489 करोड़ रुपये से ज़्यादा का दान किया है।

  • शिक्षा: 2023 में, उन्होंने 100 अफगान छात्राओं को यूएई की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप प्रदान की थी।

पिता द्वारा बेटे को दी गई यह अनूठी ट्रेनिंग, यह दर्शाती है कि अल हब्तूर परिवार अपनी व्यावसायिक सफलता के साथ-साथ ज़मीनी मूल्यों को भी महत्व देता है। यह कहानी सिखाती है कि अरबपति होने का मतलब यह नहीं है कि आपको अपने जीवन के आरंभ में संघर्ष से मुक्ति मिल जाए, बल्कि नेतृत्व का असली पाठ सीखने के लिए हर काम का अनुभव ज़रूरी है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.