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टेलीग्राम को बड़ा झटका: भारत में ऐप पर लगे अस्थायी बैन को हटाने से दिल्ली हाई कोर्ट का इनकार

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Posted On:Saturday, June 20, 2026

मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) को भारत में कानूनी मोर्चे पर एक बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने ऐप पर लगे अस्थायी प्रतिबंध (बैन) को हटाने की टेलीग्राम की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) के पेपर लीक मामले से जुड़ी जांच और परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम पूरी तरह से कानूनी और तर्कसंगत है।
भारत सरकार ने टेलीग्राम पर 16 जून से 22 जून तक के लिए यह अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। इस बैन को हटाने से कोर्ट के इनकार के बाद देश में इंटरनेट रेगुलेशन, अभिव्यक्ति की आजादी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
क्यों लगाया गया टेलीग्राम पर बैन?
यह पूरा मामला पिछले महीने हुई मेडिकल प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों से जुड़ा है। सरकार ने पाया कि टेलीग्राम पर कई ऐसे चैनल सक्रिय थे, जहां कथित तौर पर लीक हुए पेपर बेचे या शेयर किए जा रहे थे।

  • अदालत का फैसला: दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस तेजस कारिया ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि सरकार के पास जनहित और सुरक्षा को देखते हुए टेलीग्राम तक सार्वजनिक पहुंच (public access) को ब्लॉक करने के निर्देश जारी करने का पूरा अधिकार है।
  • टेलीग्राम की दलील: टेलीग्राम ने अदालत में तर्क दिया कि सरकार ने कंपनी द्वारा की गई स्वतः कार्रवाई (proactive processes) को नजरअंदाज किया। टेलीग्राम का दावा है कि उसने परीक्षा से जुड़ी अवैध सामग्री वाले 900 से अधिक लिंक्स को अपने प्लेटफॉर्म से हटाया था।
टेलीग्राम पर ही कार्रवाई क्यों?
सरकार का तर्क है कि अन्य मैसेजिंग ऐप्स की तुलना में टेलीग्राम का दुरुपयोग करना अधिक आसान है। सरकार ने इसके पीछे टेलीग्राम के कुछ खास फीचर्स का हवाला दिया:
  • यूजर की गोपनीयता (Anonymity): टेलीग्राम पर फोन नंबर छिपाकर सिर्फ यूजरनेम के जरिए बातचीत की जा सकती है, जिससे अपराधियों को ढूंढना मुश्किल होता है।
  • चैनलों का दोबारा बनना: यदि सरकार किसी अवैध टेलीग्राम चैनल को ब्लॉक भी कर देती है, तो आरोपी तुरंत नया चैनल बना लेते हैं, जिससे कानून लागू करने वाली एजेंसियों के सामने लगातार चुनौती बनी रहती है।
भारत टेलीग्राम का सबसे बड़ा बाजार
भारत में टेलीग्राम के 15 करोड़ (150 मिलियन) से अधिक यूजर्स हैं, जो इसे कंपनी के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बनाते हैं। सरकार के आदेश के बाद टेलीकॉम कंपनियों के साथ-साथ गूगल और एप्पल ने भी कुछ ही घंटों के भीतर इस ऐप को ब्लॉक और ऐप स्टोर्स से हटा दिया था।
डिजिटल राइट्स ग्रुप्स (जैसे इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन) ने कोर्ट के इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह एक ऐसा उदाहरण पेश करता है जिससे सरकार को भविष्य में किसी भी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने की असीमित शक्ति मिल सकती है। दूसरी तरफ, टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव ने भी इस बैन की आलोचना करते हुए कहा कि इससे सिर्फ आम यूजर्स को परेशानी हो रही है, जबकि पेपर लीक करने वाले अन्य प्लेटफॉर्म्स पर चले गए हैं।


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