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डांस फ्लोर से युद्ध के मैदान तक: चीन तैयार कर रहा है लड़ाकू 'ह्यूमनॉइड रोबोट्स'

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Posted On:Tuesday, September 8, 2026


हाल ही में चीन में आयोजित 'वर्ल्ड ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स' में रोबोट्स को डांस करते, मुक्केबाजी करते और 100 मीटर की दौड़ लगाते देखा गया था। लेकिन अब यह तकनीक खेल और मनोरंजन के मंच से निकलकर युद्ध के मोर्चे की ओर बढ़ रही है। चीनी सेना (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी - PLA) और रक्षा अनुसंधान संस्थान ह्यूमनॉइड (इंसान जैसे दिखने वाले) रोबोट्स को युद्ध की जरूरतों के अनुसार तैयार करने में तेजी से जुट गए हैं।
100 से अधिक चीनी सैन्य खरीद निविदाओं, अकादमिक शोध पत्रों और पेटेंट दस्तावेजों की समीक्षा से यह सामने आया है कि चीन अपने रक्षा तंत्र में रोबोटिक लड़ाकों (Robotic Combatants) की तैनाती की योजना बना रहा है।
अर्बन वॉरफेयर और इनडोर ऑपरेशंस पर जोर
चीन की नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी (NUDT) के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार एक मॉडल के अनुसार, भविष्य के शहरी युद्ध (Urban Warfare) में इन रोबोट्स का इस्तेमाल करने की योजना है। इस योजना के तहत:

  • छह 'लड़ाकू रोबोट'—जिसमें ह्यूमनॉइड, रोबोट डॉग या मानवरहित वाहन शामिल होंगे—को दो असॉल्ट टीमों में बांटा जाएगा।
  • ये रोबोट जमीनी सैनिकों के साथ मिलकर दुश्मन के कब्जे वाली इमारतों में कमरे-दर-कमरे और मंजिल-दर-मंजिल तलाशी अभियान (Clearance Ops) चलाएंगे।
  • दो हाथ और दो पैर होने के कारण ह्यूमनॉइड रोबोट सीढ़ियां चढ़ने, दरवाजे खोलने, सुरंगों और जहाजों के संकरे रास्तों में पहियों या ट्रैक वाले वाहनों की तुलना में अधिक कुशलता से काम कर सकते हैं।
समर्थन से मुख्य युद्धक भूमिका की तैयारी
चीनी सेना के आधिकारिक अखबार पीएलए डेली (PLA Daily) ने रोबोट गेम्स के तुरंत बाद प्रकाशित एक टिप्पणी में प्रयोगशालाओं से तकनीकों को सीधे सैन्य प्रशिक्षण मैदानों में लाने का आह्वान किया था। इसमें तर्क दिया गया कि ह्यूमनॉइड रोबोट्स का काम धीरे-धीरे 'युद्ध में सहायता' करने से बढ़कर 'मुख्य लड़ाकू भूमिका' में बदल सकता है। साथ ही, इंसान द्वारा लक्ष्य की पुष्टि किए जाने के बाद रोबोट को गोली चलाने (लिविंग टारगेट पर फायर करने) के अधिकार से जुड़े नियमों पर भी विचार चल रहा है।
हार्डवेयर से आगे: परसेप्शन और ट्रेनिंग डेटा
दस्तावेजों से पता चला है कि चीनी सेना केवल रोबोट के ढांचे (हार्डवेयर) तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके निर्णय लेने की क्षमता (Perception) और जटिल भू-भागों (Terrains) पर चलने के लिए आवश्यक डेटा पर भारी निवेश कर रही है:
  • वर्ष 2025 में पीएलए ने "एम्बॉडीइड ह्यूमनॉइड रोबोट इंटेलिजेंट परसेप्शन एंड डेक्सटरस ऑपरेशन सिस्टम" की खरीद के लिए टेंडर जारी किए थे।
  • हाल ही में सेना ने रोबोट्स के लिए कैमरा, रडार और मोशन डेटा एकत्र करने और लेबल करने के एक सिस्टम के लिए लगभग 3 लाख अमेरिकी डॉलर का बजट निर्धारित किया।
  • चीन की प्रमुख सरकारी रक्षा कंपनी नोरिंको (Norinco) ने 'Fuxi' नाम का एक पूर्ण-आकार का ह्यूमनॉइड रोबोट पेश किया है, जो संतरी ड्यूटी, सभी मौसमों में गश्त और खतरनाक अभियानों को अंजाम देने में सक्षम बताया जा रहा है।
वैश्विक दौड़ और आगे की चुनौतियां
ग्लोबल रिसर्च फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में दुनिया भर में शिप होने वाले कुल ह्यूमनॉइड रोबोट्स में लगभग 95% हिस्सेदारी चीनी निर्माताओं की थी।
हालांकि, अमेरिकी सेना भी 'मिलिटराइज्ड ह्यूमनॉइड' क्षमताओं के विकास पर काम कर रही है ताकि सैनिकों के साथ काम करने वाले सिस्टम तैयार किए जा सकें, लेकिन दो पैरों और चार पैरों वाले रोबोट्स के बड़े पैमाने पर निर्माण में चीन फिलहाल बढ़त बनाए हुए है।
इसके बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध के मैदान में अप्रत्याशित बाधाएं, अत्यधिक बदलाव और जटिल परिस्थितियां होती हैं। रोबोट्स के संतुलन, बैटरी लाइफ, हथियारों के उपयोग के नियम और आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े नैतिक व तकनीकी सवाल अभी पूरी तरह हल नहीं हुए हैं। जब तक ये तकनीकी चुनौतियां हल नहीं हो जातीं, तब तक इन्हें पूरी तरह युद्ध के मोर्चे पर तैनात करना आसान नहीं होगा।


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