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राष्ट्रमंडल खेल 2026: भारतीय हॉकी टीम की केसरिया जर्सी विवाद पर पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद का दो टूक बयान— "रंग नहीं, खिलाड़ियों का प्रदर्शन है अहम"

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Posted On:Saturday, August 1, 2026

आगामी राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) में भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया (Saffron) जर्सी को लेकर खेल जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। इस बढ़ते विवाद के बीच अब हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बेटे और दिग्गज पूर्व ओलंपियन अशोक ध्यानचंद ने अपनी बेबाक राय सामने रखी है। उन्होंने इस मुद्दे को गैर-जरूरी बताते हुए कहा है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर खिलाड़ियों का प्रदर्शन और उनकी मेहनत मायने रखती है, न कि उनकी जर्सी का रंग। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर नई किट का रंग केसरिया कर दिया गया है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है।

अशोक ध्यानचंद ने माना कि पिछले कई दशकों से 'ब्लू जर्सी' भारतीय टीम की एक ऐतिहासिक पहचान रही है और इसके साथ खेल प्रेमियों की गहरी भावनाएं व गौरव जुड़ा हुआ है। हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे उस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें दावा किया जा रहा था कि नीले एस्ट्रो टर्फ (Blue Astro Turf) के कारण जर्सी का रंग बदला गया है। दिग्गज खिलाड़ी ने याद दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्षों से नीले टर्फ का उपयोग हो रहा है और हमारी टीम नीली जर्सी पहनकर ही खेलती रही है। ऐसे में टर्फ और जर्सी के रंग को आपस में जोड़ना पूरी तरह से अतार्किक है।

पूर्व ओलंपियन ने देशवासियों और खेल प्रशंसकों से अपील की है कि वे परिधान के रंग पर अनावश्यक विवाद करने के बजाय अपनी राष्ट्रीय टीम का पूरा समर्थन करें। केसरिया हो या नीला, दोनों ही रंग भारत की संस्कृति और तिरंगे का प्रतिनिधित्व करते हैं। मैदान पर सफलता उसी टीम को मिलती है जो अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाती है। ऐसे में देश का पूरा ध्यान केवल खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने और उनके खेल कौशल पर होना चाहिए।


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