अहमदाबाद न्यूज डेस्क: भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए अहमदाबाद मंडल में ₹140 करोड़ की लागत से ‘कवच 4.0’ परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत 598 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क पर स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया जाएगा। रेलवे का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक इस परियोजना को पूरा करना है, जिससे अहमदाबाद मंडल का लगभग पूरा रेल नेटवर्क कवच सुरक्षा प्रणाली से लैस हो जाएगा।
इससे पहले रेलवे 702 किलोमीटर ट्रैक पर कवच लगाने की मंजूरी दे चुका था। नई स्वीकृति के बाद मंडल के शेष 598 रूट किलोमीटर और 48 ब्लॉक सेक्शन भी इस परियोजना में शामिल कर लिए गए हैं। इससे ट्रेनों की आवाजाही को डिजिटल सुरक्षा कवच मिलेगा और मानवीय भूलों के कारण होने वाले हादसों की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी।
‘कवच’ भारत में विकसित एक अत्याधुनिक ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है। यह ट्रेनों की गति, लोकेशन और सिग्नलों की लगातार निगरानी करता है। यदि लोको पायलट लाल सिग्नल पार करने की स्थिति में होता है या समय पर ब्रेक नहीं लगाता, तो यह प्रणाली स्वतः सक्रिय होकर ट्रेन को रोक देती है। साथ ही, एक ही ट्रैक पर दो ट्रेनों के आमने-सामने आने की स्थिति में भी यह सिस्टम उन्हें सुरक्षित दूरी पर रोककर टक्कर टालने में सक्षम है।
अहमदाबाद मंडल में लगाया जाने वाला ‘कवच 4.0’ इस तकनीक का सबसे उन्नत संस्करण माना जा रहा है। रेलवे इसे चरणबद्ध तरीके से देशभर में लागू करने की योजना पर काम कर रहा है। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ रेल हादसों को रोकना नहीं, बल्कि भारतीय रेलवे के संचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाना भी है।