ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

एक्सप्रेसवे पर मनसे का एक्शन: गुजराती साइनबोर्ड हटाए, मराठी में बदलने की चेतावनी

Photo Source : Google

Posted On:Friday, July 25, 2025

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने मुंबई-अहमदाबाद एक्सप्रेसवे पर स्थित होटलों और रेस्टोरेंट्स के साइनबोर्ड व मेन्यू कार्ड को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। गुरुवार को ठाणे और पालघर जिलों में मनसे कार्यकर्ताओं ने गुजराती भाषा में लिखे बोर्ड जबरन हटा दिए और होटलों को चेतावनी दी कि वे मराठी भाषा को प्राथमिकता दें। उनका कहना है कि महाराष्ट्र में कारोबार करना है तो मराठी भाषा का सम्मान करना होगा।

इस कार्रवाई के पीछे हाल ही में राज्य के प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी को अनिवार्य किए जाने को लेकर हुआ विवाद भी एक कारण माना जा रहा है। मनसे कार्यकर्ता प्रशांत खांबे ने साफ कहा कि पार्टी प्रमुख राज ठाकरे का निर्देश है कि मराठी और महाराष्ट्र की अस्मिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में पार्टी के पालघर और ठाणे प्रमुख अविनाश जाधव ने होटल संचालकों को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है।

यह पहला मौका नहीं है जब मनसे ने इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाया हो। इससे पहले सोमवार को नवी मुंबई के सीवुड्स इलाके में गुजरात बीजेपी विधायक वीरेंद्रसिंह जडेजा के कार्यालय से गुजराती साइनबोर्ड पुलिस की मौजूदगी में हटवाया गया था। यह कदम तब उठाया गया जब विधायक के जनसंपर्क कार्यालय के बाहर लगे बोर्ड पर मराठी का नामोनिशान नहीं था।

मनसे ने पिछले सप्ताह ही यह चेतावनी दी थी कि यदि सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान गुजराती बोर्डों को हटाकर मराठी में नहीं बदलते हैं, तो पार्टी स्वयं कार्रवाई करेगी। पार्टी इसे मराठी अस्मिता का मुद्दा मान रही है और प्रशासन से भी अपील की है कि मराठी भाषा का अपमान करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।



अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.