अहमदाबाद न्यूज डेस्क: इंदौर की स्टेट साइबर सेल ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 45 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में अहमदाबाद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई थी। साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित को अब तक 15 लाख रुपये रिफंड भी करा दिए हैं, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पीड़ित इंदौर के एक सेवानिवृत्त रेलवे मंडल संरक्षा अधिकारी हैं, जो अकेले रहते हैं और उनके बच्चे विदेश में रहते हैं। 9 अगस्त 2025 को उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी (TRAI) का अधिकारी बताया। आरोपी ने दावा किया कि उनके दो मोबाइल नंबर आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहे हैं और उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई होने वाली है।
इसके बाद साइबर ठगों ने वीडियो कॉल और स्काइप के जरिए लगातार संपर्क बनाए रखा और गिरफ्तारी वारंट का डर दिखाकर पीड़ित को करीब 24 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट जैसी स्थिति में रखा। इस दौरान उन्हें किसी से संपर्क नहीं करने दिया गया और मानसिक दबाव बनाकर उनके बैंक खातों से कुल 45 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए गए।
शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने संबंधित बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कराया। जांच के दौरान अहमदाबाद निवासी हीरल सतीशचंद्र कंसारा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के नाम से एक संस्था संचालित होती है, जो कैंपस प्लेसमेंट ट्रेनिंग देने का दावा करती है। उसके खिलाफ अहमदाबाद, वडोदरा और हरियाणा में भी साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामले दर्ज पाए गए हैं।