ताजा खबर
अहमदाबाद में सिक्योरिटी गार्ड की पहचान पर किसी और ने लिया सिम कार्ड, पुलिस जांच में जुटी   ||    गरबा खेलने के लिए 15 हजार रुपये तक की IV ड्रिप ले रहे युवा, डॉक्टरों ने बताया क्यों जरूरी नहीं है यह...   ||    रणबाली के ट्रेलर में विजय देवरकोंडा का बागी अंदाज, अंग्रेजों के खिलाफ छेड़ी जंग   ||    नाना पाटेकर के निधन से टूटे अमिताभ बच्चन, बोले- आज उनका मैसेज नहीं आया!   ||    '3 इडियट्स 2' से 'अंदाज अपना अपना' के सीक्वल तक, आमिर खान ने खोले अपनी फिल्मों के राज!   ||    नाना पाटेकर को याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, बोले- 'हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना'   ||    काजोल की एक्टिंग देख हैरान रह गईं शिवानी रघुवंशी, बोलीं- कैमरा ऑन होते ही बदल जाता है अंदाज!   ||    केंद्र सरकार का कड़ा जवाब: एलन मस्क के आरोपों को बताया बेबुनियाद, भारत में तीन कंपनियों को मिला है ल...   ||    बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का बयान: "युवाओं को श्रेणियों में बांटना साजिश, वे सिर्फ युवा है...   ||    यमन के हूती विद्रोहियों का सऊदी अरब के दो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला, 3 लोगों की मौत और 36 घायल   ||   

नाक में दुनिया का दूसरा दुर्लभ ट्यूमर, राजकोट में सफल सर्जरी

Photo Source : Google

Posted On:Friday, November 21, 2025

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: यह वाकई एक अनोखा और मेडिकल दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण मामला है। राजकोट में एक 30 वर्षीय मरीज की नाक के सेप्टम में पाए गए दुर्लभ रक्तवाहिनी ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया, जो भारत में पहली बार हुआ है। हैरानी की बात यह है कि दुनिया में भी यह सिर्फ दूसरा दर्ज मामला है। राजकोट के ईएनटी सर्जन डॉ. हिमांशु ठक्कर ने एंडोस्कोपिक तकनीक से यह ऑपरेशन किया, और इस सफलता को अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल इंडियन जर्नल ऑफ ओटोलैरिंगोलोजी-हेड एंड नेक सर्जरी में भी प्रकाशित किया गया है। मरीज चेतन पोपट (बदला नाम) पिछले दो महीनों से नाक से खून बहने और सांस लेने में दिक्कत की समस्या से गुज़र रहा था। सामान्य दवाओं का असर न होने पर एंडोस्कोपिक जांच में नाक के पर्दे पर असामान्य मांस जैसा हिस्सा दिखाई दिया, जिसने डॉक्टरों को भी चौंका दिया। बाद में किए गए कॉन्ट्रास्ट सीटी स्कैन ने साफ कर दिया कि यह कोई साधारण वृद्धि नहीं बल्कि एक अत्यंत दुर्लभ रक्तवाहिनी ट्यूमर है।

डॉ. ठक्कर के अनुसार, इस ट्यूमर को एनास्टोमोसिंग हेमांगीओमा कहा जाता है। आम तौर पर यह किडनी या जनन-मूत्र तंत्र में मिलता है, इसलिए नाक के सेप्टम में इसका मिलना बेहद असामान्य है। यह सौम्य यानी गैर-घातक होता है, लेकिन इसकी बनावट और लोकेशन इसे पहचानने में मुश्किल पैदा करती है। मरीज का ऑपरेशन एंडोस्कोपिक तकनीक से किया गया जिसमें नाक के भीतर कैमरे और विशेष उपकरणों की मदद से ट्यूमर को अत्यंत कम रक्तस्राव के साथ सफलतापूर्वक हटा दिया गया। बायोप्सी ने भी पुष्टि कर दी कि यह एनास्टोमोसिंग हेमांगीओमा ही था। सर्जरी के बाद मरीज सामान्य देखभाल से जल्दी ठीक हो गया और करीब 20 दिन बाद फॉलो-अप में पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।

इस केस को खास बनाता है—इसकी दुर्लभता। नाक में इस तरह का ट्यूमर पाया जाना लगभग असंभव जैसा माना जाता है, इसलिए डॉक्टरों के लिए इसे पहचानना भी बड़ी चुनौती था। समय रहते की गई जांचों और सही तकनीक के उपयोग ने न सिर्फ मरीज को राहत दी, बल्कि भारतीय चिकित्सा जगत के रिकॉर्ड में भी एक अनूठी उपलब्धि जुड़ गई। डॉ. ठक्कर का कहना है कि यह केस भविष्य में ऐसे दुर्लभ मामलों की पहचान और उपचार के लिए डॉक्टरों को नई दिशा देगा।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.