अहमदाबाद न्यूज डेस्क: इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाटाबिल्लौद के मेठवाड़ा टोल प्लाजा के आसपास टोल कंपनी ने वाहनों की निगरानी और टोल वसूली के लिए नया डिजिटल सिस्टम तैयार किया है। इसके तहत प्लाजा से करीब 10 किलोमीटर पहले कलसाड़ा फाटा और करीब 10 किलोमीटर आगे बेटमा-छोटी बेटमा के पास हाईटेक चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इन जगहों पर कैमरों और सेंसर की मदद से वाहनों की पहचान की जाएगी।
इस व्यवस्था के शुरू होने के बाद टोल से बचने के लिए गांव की सड़कों का इस्तेमाल करने वाले वाहन भी सिस्टम की नजर में आ सकते हैं। कलसाड़ा फाटा से हाईवे पर आने वाले वाहन की तस्वीर और नंबर रिकॉर्ड होगा। अगर कोई वाहन टोल प्लाजा से पहले गांव की सड़क पर मुड़कर करीब 5 किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद फिर फोरलेन पर आता है, तो बेटमा के पास लगा दूसरा कैमरा उसी वाहन की पहचान कर लेगा। इसके बाद टोल प्लाजा पार नहीं करने पर भी फास्टैग से राशि काटने की व्यवस्था की गई है।
दोनों चेक पोस्ट पर एएनपीआर कैमरे नंबर प्लेट की तस्वीर रिकॉर्ड करेंगे, जबकि सेंसर और आरएफआईडी सिस्टम फास्टैग वाले वाहनों की पहचान में मदद करेंगे। गेंट्री पर सोलर पैनल भी लगाए गए हैं, ताकि कैमरे और सेंसर लगातार काम कर सकें। हालांकि इस पूरी व्यवस्था को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि इसे किसकी अनुमति से लगाया गया। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने कहा है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, जबकि एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर सौरभ चौबे के मुताबिक दोनों चेक पोस्ट टोल कंपनी ने लगाए हैं।
टोल वसूली के लिए हाईटेक सिस्टम तैयार हो रहा है, लेकिन दूसरी तरफ इसी फोरलेन की सड़क कई जगह खराब हालत में है। कई हिस्सों में गड्ढे हैं और मरम्मत के नाम पर पैचवर्क किया जा रहा है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर के मुताबिक फिलहाल यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है और टोल कंपनी का काम जारी है। पात्र ग्रामीणों को टोल छूट वाला कार्ड होने पर फास्टैग से राशि नहीं काटी जाएगी।