ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

गुजरात हाई कोर्ट: 30 साल के साथ के बाद 'जुदाई', बुजुर्ग साथी को पाने के लिए महिला ने लगाई गुहार

Photo Source : Google

Posted On:Saturday, May 9, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात हाई कोर्ट में रिश्तों और अधिकारों की एक अनोखी कानूनी लड़ाई सामने आई है। लगभग 30 वर्षों से 'लिव-इन' में रह रहे एक बुजुर्ग जोड़े को तब अलग होना पड़ा, जब पुरुष की बहन ने उन्हें अपने पास रख लिया। अपने साथी की 'कस्टडी' वापस पाने के लिए 60 वर्षीय महिला को हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका दायर करनी पड़ी।

​मामले की पृष्ठभूमि:

महिला और बुजुर्ग पुरुष वर्ष 1996 से एक साथ रह रहे थे। महिला का आरोप है कि पुरुष की बहन ने उन्हें जबरन अपने पास रख लिया है और उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा। स्थानीय पुलिस और पुलिस आयुक्त से मदद न मिलने पर महिला ने अदालत की शरण ली।

​अदालत में क्या हुआ?

​साथी की इच्छा: हाई कोर्ट के आदेश पर जब बुजुर्ग व्यक्ति को पेश किया गया, तो वे शारीरिक रूप से अस्वस्थ और कमजोर दिखे। हालांकि, उन्होंने जज के सामने स्पष्ट किया कि वे अपनी महिला पार्टनर के साथ ही वापस जाना चाहते हैं।

​बहन की दलील: पुरुष की बहन ने आरोपों को नकारते हुए दावा किया कि महिला की रुचि उनके भाई की पारिवारिक संपत्ति में है। बहन का कहना है कि वह केवल अपने बीमार भाई की सेवा कर रही हैं।

​अगली कार्रवाई:

कोर्ट ने बुजुर्ग व्यक्ति की इच्छा को सुना, लेकिन कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने और बहन को अपना विस्तृत पक्ष रखने का मौका देने के लिए समय दिया है। अब इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई जून 2026 में होगी।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.