अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में एक इन्वेस्टमेंट कंपनी पर निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर करीब 21.8 लाख रुपये की कथित ठगी करने का आरोप लगा है। मामले में एक रिटायर्ड व्यक्ति की शिकायत पर कंपनी के डायरेक्टर्स और मैनेजरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
यह मामला नवरंगपुरा पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है। पुलिस ने 'यूनिक मर्केंटाइल इंडिया लिमिटेड' के डायरेक्टर्स और मैनेजरों पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता वर्ष 2015 में कंपनी से एजेंट के रूप में जुड़े थे। कंपनी ने एजेंटों को मोटे कमीशन और निवेशकों को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), मंथली इनकम स्कीम (MIS) और रेकरिंग डिपॉजिट (RD) पर आकर्षक रिटर्न का वादा किया था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि कंपनी की बैठकों में एजेंटों को ज्यादा से ज्यादा निवेशक जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाता था और इसके बदले बेहतर इंसेंटिव देने का भरोसा दिया जाता था।
वर्ष 2018 से 2019 के बीच शिकायतकर्ता ने खुद भी कंपनी की विभिन्न योजनाओं में निवेश किया। उनके भरोसे पर उनके रिश्तेदारों और कई अन्य लोगों ने भी अलग-अलग योजनाओं में पैसा लगाया। शिकायत के मुताबिक, कुल मिलाकर करीब 16 लाख रुपये का निवेश किया गया था, जिस पर मैच्योरिटी के बाद 23.7 लाख रुपये लौटाने का वादा किया गया था।
आरोप है कि वर्ष 2020 तक कंपनी ने ब्याज, कमीशन और कुछ भुगतान समय पर किए, लेकिन उसके बाद सभी भुगतान रोक दिए। जब 2024 और 2025 में योजनाएं मैच्योर हुईं, तो निवेशकों ने पैसा मांगा, लेकिन कंपनी हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर भुगतान टालती रही।
शुरुआत में कंपनी ने कोरोना महामारी का हवाला देकर देरी की बात कही। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बार-बार दफ्तर के चक्कर लगाने के बावजूद किसी का पैसा वापस नहीं मिला और बाद में कंपनी ने अपना कार्यालय भी बंद कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता को अब तक केवल 1.9 लाख रुपये ही वापस मिले हैं। उनके और उनके जरिए जुड़े अन्य निवेशकों के करीब 21.8 लाख रुपये अभी भी कंपनी पर बकाया हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।