ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

अहमदाबाद में चमत्कारी सर्जरी, 55 डिग्री मुड़ी रीढ़ ठीक कर युवक को अपाहिज होने से बचाया

Photo Source : Google

Posted On:Thursday, December 25, 2025

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात के अहमदाबाद में डॉक्टरों ने 23 वर्षीय युवक को अपाहिज होने से बचाकर नई जिंदगी दी है। मशहूर स्पाइन सर्जन डॉ. जे. वी. मोदी ने एक बेहद जटिल सर्जरी के जरिए युवक की 55 डिग्री तक आगे झुक चुकी रीढ़ की हड्डी को काटकर दोबारा सही स्थिति में जोड़ा। इस सफल ऑपरेशन के बाद युवक अब सीधा खड़ा हो पा रहा है और सामान्य रूप से चलने-फिरने लगा है।

स्नेहल नाम के इस युवक को पिछले तीन साल से कमर में असहनीय दर्द था। समय के साथ उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि चलना, सोना और खड़े रहना तक मुश्किल हो गया। उसकी रीढ़ की हड्डी आगे की ओर झुक गई थी, जिसे मेडिकल भाषा में 55 डिग्री काइफोटिक डिफॉर्मिटी कहा जाता है। इसके साथ ही उसकी रीढ़ पूरी तरह अकड़ चुकी थी, जिसे ‘बैम्बू स्पाइन’ और एंकिलॉसिंग स्पॉन्डिलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी माना जाता है।

शुरुआत में स्नेहल ने नडियाद के एक निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद वह अहमदाबाद पहुंचा और सिविल अस्पताल के पूर्व अधीक्षक डॉ. जे. वी. मोदी से संपर्क किया। जांच में सामने आया कि रीढ़ की हालत बेहद गंभीर है और सर्जरी के बिना सुधार संभव नहीं है। बीमारी के कारण स्नेहल सिर झुकाकर चलने को मजबूर था और सीधा लेटना भी उसके लिए दर्दनाक हो चुका था।

हालांकि सर्जरी का खर्च बहुत ज्यादा था और आर्थिक रूप से परिवार के लिए यह संभव नहीं था। स्नेहल एक सिनेमा हॉल में मैनेजर के तौर पर काम करता है, जबकि उसके पिता रिक्शा चालक हैं। ऐसे में जैन समाज और यूके में डॉ. मोदी से जुड़े एक चैरिटेबल मिशन ने महंगे इम्प्लांट का पूरा खर्च उठाया। इसी सहयोग से सर्जरी सफल हो सकी और स्नेहल को अपाहिज होने से बचाया जा सका।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.