अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात के अहमदाबाद में नकली नोट छापने वाले गिरोह की गतिविधियों का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। वटवा थाना क्षेत्र में गिरोह के सरगना इमरान की हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद से जुड़े दो आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर करीब 28 लाख रुपये की नकली करेंसी, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस के अनुसार, 23 मई को अहमदाबाद के वटवा इलाके में किराए के कमरे में रह रहे गिरोह के सदस्यों के बीच खाना बनाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान फतेहाबाद के मेहरा चौधरी गांव निवासी चंद्रमोहन और वीरेंद्र उर्फ वीरा बघेल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गिरोह के सरगना इमरान पर गर्म तवे से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी शव को कमरे में छोड़कर फरार हो गए थे।
जांच के दौरान पुलिस को कमरे से जली हुई नकली करेंसी भी मिली, जिससे फर्जी नोट छापने के नेटवर्क का खुलासा हुआ। 29 मई को वटवा पुलिस ने गुरुग्राम से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछले तीन महीनों से इमरान के साथ मिलकर किराए के कमरों में रहकर नकली नोट छापने और उन्हें बाजार में खपाने का काम कर रहे थे।
इसके बाद अहमदाबाद पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर फतेहाबाद पहुंची और उनकी निशानदेही पर घरों से बड़ी मात्रा में नकली करेंसी और प्रिंटिंग उपकरण बरामद किए। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा था और नकली नोट किन-किन क्षेत्रों में सप्लाई किए जाते थे। मामले में आगे की जांच जारी है।