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दिल्ली ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी की जांच तेज, आतंकी नेटवर्क से जुड़े मामले सामने

Photo Source : Google

Posted On:Thursday, November 20, 2025

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की सुरक्षा और वित्तीय गतिविधियों पर गंभीर जांच चल रही है। यह कार्रवाई दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी की गिरफ्तारी के बाद तेज हुई। नबी का पहले इस यूनिवर्सिटी से जुड़ाव था। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, नबी की आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े होने के बाद संस्थान की पृष्ठभूमि पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।

रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि नबी यूनिवर्सिटी से जुड़ा पहला संदिग्ध नहीं है। 2008 में हुए जयपुर और अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में भी यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ नाम सामने आए थे। इनमें मिर्ज़ा शादाब बेग का नाम सबसे चर्चित है, जो इंडियन मुजाहिदीन का सक्रिय सदस्य बताया जाता है। बेग ने 2007 में अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज से बी.टेक पूरा किया और मात्र एक साल बाद अहमदाबाद ब्लास्ट में शामिल पाया गया।

बेग का नाम 2008 जयपुर ब्लास्ट और 2007 गोरखपुर सीरियल ब्लास्ट में भी सामने आया। उसकी भूमिका विस्फोटक सामग्री जुटाने, IED असेंबल करने और ब्लास्ट की योजना बनाने में रही। अधिकारियों के अनुसार, उसके इंजीनियरिंग बैकग्राउंड के कारण वह बम बनाने में माहिर था। अहमदाबाद धमाकों से पहले वह शहर की रेकी भी कर चुका था। गोरखपुर पुलिस ने उसकी संपत्ति जब्त कर दी थी और उसकी गिरफ्तारी पर ₹1 लाख का इनाम भी घोषित है।

लाल किले ब्लास्ट के बाद अल-फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ ईडी और NIA की जांच भी शुरू हो गई है। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने फर्जी NAAC मान्यता का दावा कर छात्रों और अभिभावकों से 415 करोड़ रुपए जुटाए। ईडी ने अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को 13 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। NIA की टीमें देशभर में छापेमारी कर रही हैं और उन सभी लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं, जिनका इस हमले से संभावित संबंध हो सकता है।


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