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अहमदाबाद में 550 करोड़ का क्रिकेट सट्टा-हवाला घोटाला, रैपिडो ड्राइवर का खाता बना मनी रूट

Photo Source : Google

Posted On:Wednesday, March 4, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी और शेयर बाजार में हेरफेर से जुड़ा करीब 550 करोड़ रुपये का बड़ा रैकेट उजागर हुआ है। जांच एजेंसियों को एक रैपिडो ड्राइवर के बैंक खाते में संदिग्ध लेन-देन मिलने के बाद यह मामला सामने आया। ड्राइवर की मासिक आमदनी महज 10 से 12 हजार रुपये थी, लेकिन उसके खाते में 300 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन दर्ज मिला।

ईडी की जांच में सामने आया कि प्रदीप ओडे नामक ड्राइवर का बैंक खाता अवैध क्रिकेट सट्टेबाजी और स्टॉक मार्केट में हेरफेर से जुड़े पैसों के ट्रांजैक्शन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। असामान्य और भारी रकम के लेन-देन ने अधिकारियों को सतर्क कर दिया, जिसके बाद गहन जांच शुरू की गई।

पूछताछ में ओडे ने कबूल किया कि उसने अपना बैंक खाता किरण परमार नामक व्यक्ति को 25 हजार रुपये में किराये पर दिया था। उसने यह भी बताया कि हर चेक पर हस्ताक्षर करने के लिए उसे 400 रुपये मिलते थे। उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर ‘प्रदीप एंटरप्राइज’ नाम से फर्म बनाई गई।

जांच में यह भी सामने आया कि ‘कमलेश ट्रेडिंग’ और ‘रौनक ट्रेडर्स’ नाम की दो अन्य कंपनियां कागजों पर खड़ी की गईं। वर्ष 2024 में पंजीकृत इन कंपनियों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं मिला, लेकिन इनके खातों में कुल मिलाकर 550 करोड़ रुपये का भारी लेन-देन दर्ज हुआ।

ईडी के मुताबिक, तीन अलग-अलग कंपनियों में क्रमशः 80.50 करोड़, 52.11 करोड़ और 22.86 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी से अर्जित धन को घुमाने और सफेद करने के लिए किया गया।

जांच में शेयर बाजार में ‘सर्कुलर ट्रेडिंग’ के जरिए कृत्रिम रूप से ट्रेडिंग वॉल्यूम और शेयर कीमतें बढ़ाने के संकेत भी मिले। साथ ही पेनी स्टॉक्स में संदिग्ध लेन-देन और क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म इंपैक्ट गुरु के माध्यम से संदिग्ध दान का भी खुलासा हुआ।

मामले की जांच गांधिधाम के एक कारोबारी तक भी पहुंची, जिसके निजी खर्चों—जैसे भव्य शादी और बड़े भुगतान—की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने पाया कि कंपनी रजिस्ट्रेशन में इस्तेमाल किए गए कुछ बैंक खातों का संबंध शेख मोइन मोहम्मद शफी से है, जिससे कई पहचान का इस्तेमाल कर नेटवर्क चलाने की आशंका जताई गई है।

ईडी अब पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही है, अन्य लाभार्थियों की पहचान और नेटवर्क में शामिल संदिग्धों की भूमिका खंगाली जा रही है।


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