ताजा खबर
प्रोटीन खाने के बाद लंबे समय तक क्यों नहीं लगती भूख? जानिए कैसे यह वजन और बीमारियों को रोकने में है ...   ||    दिनभर की भागदौड़ के बाद अंधेरे में सुकून तलाशना: क्या है 'निक्टोफिलिया' (Nyctophilia)? जानिए मनोवैज्...   ||    एक जैसा BMI होने के बावजूद दो लोगों में डायबिटीज, दिल की बीमारी और फैटी लिवर का खतरा अलग क्यों? जानि...   ||    गूगल ने लॉन्च किया नया 'Fitbit Edge': रिप्लेसेबल बैटरी और हेल्थ सब्सक्रिप्शन पर दांव   ||    Apple ने पेश किया पहला स्मार्ट डिस्प्ले 'HomeView', नया HomePod mini 2 और Apple TV 4K भी लॉन्च; जानि...   ||    Google ने पेश किया नया AI मॉडल 'Gemini 4 Argon': साइबर सुरक्षा और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में लाएगा बड...   ||    अहमदाबाद में गरबा स्थलों पर 148 फूड स्टॉल की जांच, नवरात्रि में हर स्टॉल के लिए अलग एफएसएसएआई रजिस्ट...   ||    गुजरात में 158 शरणार्थियों को मिलेगी भारतीय नागरिकता, पूर्व अग्निवीर बिना लिखित परीक्षा बन सकेंगे पु...   ||    रामायण में जटायु बने अनूपम खेर, नए पोस्टर में दिखा दमदार अवतार   ||    कॉफी विद करण के फिनाले सीजन में सलमान खान की एंट्री   ||   

एक जैसा BMI होने के बावजूद दो लोगों में डायबिटीज, दिल की बीमारी और फैटी लिवर का खतरा अलग क्यों? जानिए विशेषज्ञों की राय

Photo Source :

Posted On:Wednesday, October 14, 2026

अक्सर वजन और बॉडी मास इंडेक्स (BMI) को स्वास्थ्य और मोटापे का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक समान वजन और एक जैसे BMI वाले दो व्यक्तियों में डायबिटीज, दिल की बीमारी और फैटी लिवर का खतरा बिल्कुल अलग-अलग क्यों हो सकता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण शरीर की बनावट (बॉडी कंपोजीशन), मांसपेशियों (मसल मास) की मात्रा और यह है कि शरीर में फैट (वसा) किस हिस्से में जमा हो रहा है।
केवल BMI क्यों नहीं देता सेहत की पूरी तस्वीर?
डॉ. सौरभ जुनेजा (निदेशक एवं विभागाध्यक्ष, सीटीवीएस, कार्डियक साइंसेज, आईएसआईसी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल) के मुताबिक:
"BMI केवल लंबाई के अनुपात में कुल वजन को मापता है। यह यह नहीं बताता कि शरीर में फैट कितना है, वह कहां जमा है, या शरीर में मांसपेशियों की मात्रा कितनी है।"
इसका अर्थ यह है कि समान BMI वाले दो लोगों की शारीरिक संरचना काफी भिन्न हो सकती है। एक व्यक्ति के शरीर में अधिक मांसपेशियां और कम हानिकारक फैट हो सकता है, जबकि दूसरे व्यक्ति के आंतरिक अंगों के आसपास हानिकारक वसा जमा हो सकती है।
विसरल फैट (Visceral Fat): छिपा हुआ सबसे बड़ा खतरा
त्वचा के ठीक नीचे जमा होने वाले फैट (सबक्यूटेनियस फैट) की तुलना में पेट के आंतरिक अंगों के आसपास जमा होने वाला फैट, जिसे विसरल फैट कहा जाता है, अधिक सक्रिय और खतरनाक होता है। यह विभिन्न अंगों पर गंभीर प्रभाव डालता है:

  • टाइप-2 डायबिटीज: विसरल फैट से फैटी एसिड और इंफ्लेमेटरी (सूजन बढ़ाने वाले) तत्व निकलते हैं, जो कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति कम संवेदनशील बना देते हैं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा होता है और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है।
  • हृदय रोग और स्ट्रोक: यह आंतरिक फैट हाई ब्लड प्रेशर, खराब कोलेस्ट्रॉल और धमनियों में सूजन को बढ़ावा देता है, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है—भले ही व्यक्ति का BMI सामान्य श्रेणी में हो।
  • फैटी लिवर: पेट के भीतरी अंगों के आसपास जमा अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे लिवर में जमा होने लगता है, जिससे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर की समस्या पैदा होती है।
'नॉर्मल-वेट ओबेसिटी' और दक्षिण एशियाई लोगों में जोखिम
विशेषज्ञों के अनुसार, बाहर से दुबला-पतला दिखने वाला व्यक्ति भी अंदरूनी रूप से मोटापे का शिकार हो सकता है। इसे चिकित्सकीय भाषा में 'नॉर्मल-वेट ओबेसिटी' कहा जाता है। ऐसे लोगों का BMI सामान्य रहता है, लेकिन उनके शरीर में मांसपेशियां कम और विसरल फैट अधिक होता है।
यह स्थिति दक्षिण एशियाई (भारतीय उपमहाद्वीप) लोगों में विशेष रूप से आम है, क्योंकि आनुवंशिक रूप से कम वजन होने पर भी भारतीयों के पेट और कमर के आसपास फैट जमा होने की प्रवृत्ति अधिक होती है। इसके अलावा जेनेटिक्स, शारीरिक निष्क्रियता, अस्वस्थ खानपान, तनाव, अधूरी नींद और धूम्रपान भी इस जोखिम को बढ़ाते हैं।
BMI के अलावा किन जांचों पर ध्यान देना जरूरी है?
मेटाबॉलिक स्वास्थ्य की सटीक जानकारी के लिए केवल वजन तौलने के बजाय इन जांचों और पैमानों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है:
  • कमर का माप (Waist Circumference) और वेस्ट-टू-हाइट रेशियो: पेट के फैट का सटीक आकलन करने के लिए।
  • ब्लड टेस्ट: फास्टिंग ब्लड शुगर, HbA1c (तीन महीने का औसत शुगर), लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रॉल) और लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT)।
  • ब्लड प्रेशर की नियमित जांच: दिल की सेहत और धमनियों की स्थिति जानने के लिए।
  • बॉडी कंपोजीशन एनालिसिस या इमेजिंग: विसरल फैट और लिवर फैट की सही मात्रा जांचने के लिए।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.