ताजा खबर
अडानी अहमदाबाद मैराथन को मिली बड़ी ग्लोबल पहचान, वर्ल्ड एथलेटिक्स कैलेंडर में हुआ शामिल   ||    IIM अहमदाबाद के गोल्ड मेडलिस्ट शुभम गोयल की कहानी, 30 लाख के पैकेज से माइक्रोसॉफ्ट कनाडा में 13 लोगो...   ||    IT रेड पर रकुल प्रीत सिंह ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 20 साल की उम्र से भर रही हूं टैक्स   ||    ‘भारत में अब पहले जैसी शांति नहीं’, बयान पर घिरे संजय दत्त ने दी सफाई, बोले- मेरा मकसद किसी को ठेस प...   ||    अविनाश मिश्रा बने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ के विनर, रोहित शेट्टी की ट्रॉफी के साथ जीते लाखों और नई कार   ||    ‘रणबाली’ की टिकट कीमतों पर मैथ्री मूवी मेकर्स ने तोड़ी चुप्पी, बोले- नहीं होगी कोई बढ़ोतरी   ||    विद्युत जामवाल बने धलसिम, ‘स्ट्रीट फाइटर’ में दिखेगा योग और एक्शन का जबरदस्त मेल   ||    बंदर और लंगूर में क्या है अंतर? जानें इनकी पहचान, खानपान और सामने आने पर बरतने वाली सावधानियां   ||    90 वर्ष की उम्र में जापानी बॉडीबिल्डर ने जीता 19वां राष्ट्रीय खिताब, शाकाहारी डाइट से सबको चौंकाया   ||    आईसीए ग्लोबल बोर्ड में चुने जाने के बाद अहमदाबाद पहुंचे इफको चेयरमैन दीलीप सांघाणी, जोरदार स्वागत   ||   

वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर संकट गहराया: होर्मुज और लाल सागर की दोहरी नाकेबंदी से 91 डॉलर के पार पहुंचा कच्चा तेल

Photo Source :

Posted On:Wednesday, July 22, 2026

अमेरिका और ईरान के मध्य बढ़ते सैन्य टकराव के कारण वैश्विक ऊर्जा लॉजिस्टिक्स प्रणाली में एक बड़ा विखंडनकारी संकट खड़ा हो गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही बाधित होने के बाद अब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के प्रमुख समुद्री मार्ग बाबल-अल-मंदब पर सऊदी अरब के अरामको तेल टैंकरों की पूर्ण घेराबंदी का ऐलान किया है। इस रणनीतिक विन्यास और दोहरे नौसैनिक गतिरोध के सांख्यिकी विवरण के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें उछलकर 91.01 डॉलर प्रति बैरल से अधिक के स्तर पर पहुंच गई हैं।

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के सांख्यिकी संतुलन के अनुसार, दुनिया के कुल समुद्री व्यापार का लगभग 12 से 15 प्रतिशत हिस्सा और तेल आपूर्ति का 10 प्रतिशत इसी लाल सागर कॉरिडोर से गुजरता है। होर्मुज संकट के दौरान सऊदी अरब अपने 'यानबू' बंदरगाह के रास्ते लाल सागर से जो वैकल्पिक आपूर्ति कर रहा था, हूती नाकेबंदी के कारण उस पर भी ब्रेक लग गया है। मालवाहक जहाजों को अब पूरा अफ्रीका महाद्वीप घूमकर 'केप ऑफ गुड होप' के लंबे रास्ते का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे यात्रा समय में 14 से 30 दिनों की बढ़ोतरी और भारी समुद्री बीमा प्रीमियम (Insurance Premium) की लागत जुड़ रही है।

इस वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने की आशंका है। रूस और मध्य पूर्व से भारत आने वाले कच्चे तेल के साथ-साथ यूरोप और अमेरिका को होने वाले बासमती चावल, चाय तथा इंजीनियरिंग सामानों के निर्यात की परिवहन लागत में तीव्र वृद्धि होगी। यदि क्रूड का यह बढ़ा हुआ स्तर बना रहता है, तो आगामी महीनों में भारतीय तेल विपणन कंपनियों को घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दामों में 3 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी करने का कड़ा फैसला लेना पड़ सकता है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.